रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 15 अगस्त को देश भर में जियो फोन-2 लांच करने जा रही है. लेकिन उससे पहले इसको लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल एसोसिएशन ने रिलायंस पर इस फोन को लेकर इंपोर्ट ड्यूटी बचाने का आरोप लगाया है. हालांकि इस आरोप का जवाब देते हुए रिलायंस ने कहा है कि यह सब झूठ है. इसमें कोई सच्चाई नहीं है.
मोबाइल एसोसिएशन की एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन भूपेश रसीन ने ईटी से बातचीत में बताया कि जियो फोन डिवाइसेज भारत में नहीं बनाए जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम समझते हैं कि ये डिवाइस चीन से आयात किए जा रहे हैं. रिलायंस जीरो पर्सेंट कस्टम्स ड्यूटी की स्थिति का फायदा लेने के लिए इनको इंडोनेशिया के जरिये बड़ी मात्रा में आयात करने की योजना बना रहा है.
इंडोनेशिया एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस यानी आसियान का सदस्य है, जिसके साथ भारत ने मुक्त व्यापार संधि की है. जबकि चीन से आयात पर भारत 20 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी वसूलता है.
रसीन ने आगे कहा कि पूरी तरह से असेंबल्ड जियो डिवाइसेज को इंडोनेशिया के जरिये चीन से आयात करने के चलते सरकार के मेक इन इंडिया प्रोग्राम को काफी नुकसान पहुंचेगा.
रसीन ने आगे कहा कि एसोसिएशन अब इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की योजना बना रहा है.
वहीं, रिलायंस जियो ने अपने ऊपर लगे इन तमाम आरोपों का खंडन किया है. रिलायंस के प्रवक्ता के अनुसार जियो फोन भारत में ही बनाया जा रहा है.