चीन की दिग्गज ऑनलाइन रिटेल कंपनी अलीबाबा करीब 5 अरब डॉलर के निवेश से रिलायंस रिटेल में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीद सकती है. इससे मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस रिटेल को भारत में फ्लिपकार्ट और अमेजॉन जैसे ई-कॉमर्स दिग्गजों से निपटने में मदद मिलेगी.
बिजनेस अखबार मिंट की खबर में यह दावा किया गया है. गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के 41वें एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा था कि समूह को हाइब्रिड ऑनलाइन-टु-आफलाइन न्यू कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित करने में सबसे बड़ा अवसर दिख रहा है. इसके एक महीने बाद ही अब अंबानी ने आखिरकार ऐसे साझेदारी की तलाश कर ली है, जो चीन में ई-कॉमर्स कारोबार में काफी सफल है.
खबर के अनुसार, अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा रिलायंस रिटेल में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए रिलायंस रिटेल से बात कर रहे हैं. यह सौदा 5 अरब डॉलर (करीब 35,000 करोड़ रुपये) का होगा. इससे अलीबाबा को भारत के डिजिटल और फिजिकल रिटेल कारोबार में जगह बनाने में मदद मिलेगी.
अभी भारतीय ऑनलाइन रिटेल कारोबार में फ्लिपकार्ट और अमेजॉन का दबदबा है और दोनों कंपनियों ने अरबों डॉलर का निवेश किया है. अमेजॉन अमेरिकी कंपनी है और फ्लिपकार्ट को भी हाल में अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने खरीदा है. एक अनुमान के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर अगले 10 साल में 21 फीसदी के सालाना तीव्र दर से बढ़ते हुए 202 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. इसीलिए इसमें हिस्सेदारी के लिए होड़ शुरू हो गई है.
खबर के अनुसार, अलीबाबा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जैक मा ने पिछले महीने के अंत में मुंबई में मुकेश अंबानी से मुलाकात कर यह प्रस्ताव रखा है. दोनों के बीच कई बिंदुओं पर चर्चा हुई है. खबर के अनुसार इस निवेश से अलीबाबा समूह दोनों के बीच प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का 50 फीसदी हिस्सा हासिल करना चाहती है. यह अलीबाबा समूह का भारत में सबसे बड़ा निवेश होगा.
रिलायंस की सफाई
दूसरी तरफ, रिलायंस के प्रवक्ता ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि अलीबाबा से रिलायंस रिटेल लिमिटेड की हिस्सेदारी बेचने के बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही, मुकेश अंबानी और जैक मा के बीच मुंबई में कोई मुलाकात हुई है.
गौरतलब है कि पेमेंट बैंक पेटीएम की पेरेंट कंपनी में भी अलीबाबा समूह की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. रिलायंस रिटेल के देश के 4,400 शहरों में 7,500 स्टोर हैं और यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती रिटेल कंपनियों में से है. इसमें कपड़ों के रिटेल चेन रिलायंस ट्रेंड्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स चेन रिलायंस डिजिटल भी शामिल हैं. लेकिन कंपनी के पास कोई कॉमन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नहीं है.
(www.businesstoday.in से साभार)