कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण उत्पादन तथा नए ऑर्डर में अप्रैल की तुलना में भारी गिरावट की वजह से देश के सर्विस सेक्टर में मई में पिछले 14 साल की दूसरी बड़ी मंदी दर्ज की गई है. आईएचएस मार्किट की एक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है.
आईएचएस मार्किट की बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में सेवा (सर्विस ) कारोबार गतिविधि सूचकांक 12.6 दर्ज किया गया. हालांकि यह आंकड़ा अप्रैल, 2020 के ऐतिहासिक निचले स्तर 5.4 से काफी अधिक है. अप्रैल में पिछले 14 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. आईएचएस द्वारा पिछले 14 साल से यह आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं.
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सर्वे के अनुसार, कमजोर मांग के बीच कई कारोबार बंद हुए, रोजगार में लगातार कमी आई है. आगे भी अभी चुनौतियां बनी रहेंगी.
क्या मतलब है रिपोर्ट का
हर महीने जारी होने वाली आईएचएस मार्किट की रिपोर्ट में सूचकांक का 50 से नीचे रहना गिरावट को दर्शता है. सूचकांक 50 से जितना अधिक नीचे होता है गिरावट उतनी ही बड़ी होती है. पचास का स्तर स्थिरता और सूचकांक का इससे अधिक होना तेजी का सूचक है.
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इससे पहले 1 जून को आईएचएस ने मैन्युफैक्चरिंग के आंकड़े जारी किए गए थे और उसमें भी बड़ी गिरावट के साथ सूचकांक 30.8 दर्ज किया गया था.
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क्यों आई गिरावट
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री जो हेज ने इस रिपोर्ट के बारे में बताया, 'सर्विस सेक्टर में घरेलू और विदेशी दोनों तरह की मांग कमजोर बनी हुई है. क्लाइंट्स का कारोबार बंद रहने और ग्राहकों की आवक में ऐतिहासिक गिरावट के कारण मांग में कमी आई है.' हेज ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद के कोविड-19 से पहले के स्तर पर पहुंचने में काफी समय लगेगा.