भारी उद्योग और लोक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने 10 लाख रुपये से कम कीमत के वाहनों को इस साल के बजट में घोषित ‘एसयूवी कर’ से छूट दिये जाने की मांग का गुरुवार को समर्थन किया.
स्पोर्ट्स यूटिलिटी वीकल्स (एसयूवी) पर उत्पाद शुल्क 27 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किये जाने के निर्णय पर फिर से विचार करने के वाहन उद्योग मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर मैं मानता हूं कि एसयूवी के मामले में उत्पाद शुल्क पर गौर करने की जरूरत है. मोटर वाहन कानून में एसयूवी का कोई अलग वर्गीकरण नहीं है.’ हीरो माइंडमाइन शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि एसयूवी टैक्स से सूमो तथा बोलेरो जैसे वाहन प्रभावित हुए हैं. इन वाहनों का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लाने-ले जाने के लिये किया जाता है.
पटेल ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के समक्ष मामले को उठाया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने सुझाव दिया है कि 10 लाख रुपये से कम मूल्य के वाहनों को इसके दायरे से बाहर लाया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि जो लोग महंगे कार का उपयोग करते हैं, उन्हें निश्चित रूप से हतोत्साहित किया जाना चाहिए और उन्हें सस्ते डीजल के रूप में राहत नहीं दी जानी चाहिए.’ पटेल ने कहा कि एसयूवी पर उच्च कर पर विचार की वाहन उद्योग की मांग जायज और न्यायोचित है.