इंफोसिस ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका की एक जिला अदालत में कंपनी और उसके कुछ कर्मचारियों के खिलाफ दायर मुकदमे को रद्द कर दिया गया है. इससे पहले कुछ व्हिसिलब्लोअर ने पिछले साल अक्टूबर में शिकायत की थी कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन द्वारा कथित रूप से अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
इंफोसिस ने बताया था कि उसे कुछ व्हिसिलब्लोअर की शिकायतें मिली हैं कि कंपनी के कुछ शीर्ष प्रबंधक कथित रूप से अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. इस बारे में अमेरिकी बाजार नियामक प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने भी जांच की थी. कंपनी ने बताया कि 21 मई 2020 को वादी ने बिना किसी पूर्वाग्रह के मुकदमे को स्वेच्छा से खारिज कर दिया.
अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने की शिकायत
व्हिसिलब्लोअर ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख और मुख्य वित्त अधिकारी निलंजन रॉय के कथित अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने की शिकायत की थी. इसके बाद कंपनी ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी थी. इस साल जनवरी में कंपनी ने कहा था कि उसकी ऑडिट समिति को पारेख और रॉय के खिलाफ अनैतिक गतिविधि में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है.बाद में कंपनी ने दोनों को क्लीन चिट दे दी थी.
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अमेरिका ने क्यों की जांच?
अमेरिकी शेयर बाजार में होने की वजह से वहां की बाजार नियामक एसईसी ने भी मामले की जांच शुरू की थी. अब इन्फोसिस ने बताया है कि मामले की जांच पूरी हो गई है. बहरहाल, इस खबर से कंपनी के शेयर भारतीय बाजार में 3 फीसदी की तेजी के साथ 692.25 रुपये के भाव पर कारोबार करते दिखे.