टेलीकॉम इंडस्ट्री की कंपनी वोडाफोन आइडिया को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 25 हजार करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ है. तिमाही नतीजों के बाद अब वोडाफोन आइडिया के सीईओ रविंदर टक्कर ने बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर में प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) काफी कम है और इसके आधार पर आप बाजार में टिक नहीं सकते हैं. टक्कर ने कहा कि बाजार में अभी शुल्कवृद्धि को झेलने की क्षमता है. इससे क्षेत्र के संरचनात्मक मुद्दों को हल किया जा सकेगा और दूरसंचार कंपनियों को बेहतर रिटर्न मिल सकेगा.
शुल्कों में बढ़ोतरी जरूरी
टक्कर ने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर का प्रति ग्राहक राजस्व काफी दबा है. यह सभी खिलाड़ियों के लागत ढांचे से भी नीचे है. उद्योग की कुल सेहत सुधारने के लिए शुल्कों में बढ़ोतरी काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हर कोई इस बात को जानता है कि लागत से कम मूल्य और भारी छूट के साथ असीमित वॉयस और डेटा प्लान की पेशकश से दूरसंचार उद्योग को काफी घाटा हुआ है.
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उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2019 में शुल्कों में वृद्धि सही दिशा में उठाया गया कदम था, लेकिन अभी भी क्षेत्र का प्रति ग्राहक औसत राजस्व कारोबार में टिकने लायक नहीं है.
2जी सेवाओं को बंद करने के पक्ष में नहीं
इसके साथ ही टक्कर ने कहा कि वह 2जी सेवाओं को बंद करने के पक्ष में नहीं हैं. यह एक कम लागत की सेवा है और बहुत से लोग आज भी इसे प्राथमिकता देते हैं. टक्कर का ये बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 2 जी सेवाओं को हटाने के लिए सरकार से पॉलिसी लाने की अपील की थी.
25 हजार करोड़ से ज्यादा का घाटा
देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में 25,460 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को 4,874 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.