पिछले कुछ दिनों में देश की लगभग सभी घरेलू एयरलाइंस मुसाफिरों के लिए आधी कीमत में टिकट के ऑफर दे चुकी हैं. सवाल यह खड़ा होता है कि भारी घाटे से जूझ रहीं एयरलाइंस को ये ऑफर्स देने से क्या फायदा मिलता है?
देश में एविएशन इंडस्ट्री की खस्ताहाली किसी से छुपी नहीं है. लेकिन पिछलों दिन जिस तरह एयरलाइंस ने आधे दाम में टिकट बांटे तो लोगों के सवाल उठे कि आखिर आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली एयरलाइंस मुसाफिरों पर इतनी मेहरबान क्यों हो रही हैं. जानकार मानते हैं कि ये ऑफर तो लीन सीजन यानि जिस वक्त कम लोग हवाई सफर करते हैं, उस वक्त अपने हवाई जहाज की सीटें भरने का एक नुस्खा है. जाहिर है, औने पौने दाम पर टिकट बेचना जहाज खाली उड़ाने से तो ज्यादा फायदेमंद है.
एविएशन एक्सपर्ट हर्षवर्धन कहते हैं, 'ये लीन सीजन होता है क्योंकि स्कूल के एग्जाम होते हैं और लोग ज्यादा सफर नहीं करते. ऐसे में इन ऑफर्स से लोड फैक्टर बढ़ते हैं.'
आने वाले दिनों में देश के बाजार में कुछ नई एयरलाइंस भी पंख पसारने के संकेत दे चुकी हैं. माना जा रहा है कि ऐसे में ये लुभावने ऑफर फिलहाल काम कर रही एयरलाइंस के मार्केट शेयर बचाने और मुसाफिरों से खुद को जोड़े रखने की तरकीबें हैं.
हर्षवर्धन कहते हैं, 'एयर एशिया बाजार में उतरने ही वाली है ऐसे में ये ऑफर अपना मार्केट शेयर बचाए रखने की कवायद है ताकि आने वाली एयरलाइन को मुश्किल हो और उसका 'जेस्टेशन पीरियड' भी बढ़े. सस्ते टिकटों के ऑफर से नए यात्री भी एयरलाइंस से जुड़ते हैं इसलिए इससे एयरलाइंस को पैसेंजर बेस बढ़ने की भी उम्मीद रहती है.