इकोनॉमी के मोर्चे पर भारत को एक अच्छी खबर मिली है. भारत में कारोबार करना अब और आसान हो गया है. मोदी सरकार द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयास को अब वर्ल्ड बैंक ने भी स्वीकार किया है. वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 14 रैंकिंग की सुधार के साथ भारत अब 63वें नंबर पर पहुंच गया है.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबार करने में सुगमता की रैंकिंग में उस समय आई है, जब देश आर्थिक सुस्ती का शिकार है. साल 2014 में जब पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी थी, तब भारत की रैंकिंग 190 देशों में 142वें स्थान पर थी. पिछले साल भारत की रैंकिंग 77 पर पहुंच गई थी.
क्यों है महत्वपूर्ण
भारत इस सूची में लगातार तीसरे साल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश में भी शामिल है. यह रैंकिंग ऐसे समय में आई है, जब भारतीय रिजर्व बैंक, वर्ल्ड बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), मूडीज सहित कई एजेंसियों ने आर्थिक सुस्ती को देखते हुए जीडीपी में बढ़त के अनुमान को घटा दिया है. देश में आर्थिक सुस्ती का माहौल है और अर्थव्यवस्था के लगभग सभी मोर्चों पर नकारात्मक खबरें आ रही थीं.
कैसा रहा इतिहास
मोदी सरकार जब साल 2014 में सत्ता में आई थी तो उस समय 190 देशों की रैंकिंग में भारत का स्थान 142वां था. मोदी सरकार के 4 साल तक जारी सुधार के बाद साल 2014 में भारत की रैकिंग सुधरकर 100 हो गई. हालांकि साल 2017 में भारत ईज ऑफ डूइंग सूची में फिर फिसलकर 130वें स्थान पर ईरान और यूगांडा से भी पीछे चला गया.
इसके बाद साल 2018 में फिर भारत के पोजीशन में उछाल आया और इस सूची में यह काफी उछलकर 77वें स्थान पर पहुंच गया. वर्ल्ड बैंक की 'डूइंग बिजनेस' 2020 रिपोर्ट में भारत में किए गए सुधारों की तारीफ करते हुए कहा गया है कि इतने बड़े देश के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण बात है.