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यूटिलिटी

सिर्फ 3 साल में खत्म हुआ इस पेमेंट बैंक का वजूद, RBI ने किया ऐलान

2015 में पेमेंट बैंक की शुरुआत
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देश में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2015 में पेमेंट बैंक की खास सर्विस की शुरुआत की थी. इसके तहत आरबीआई ने कई कंपनियों को बैंकिंग के लिए लाइसेंस जारी किए थे. इन्हीं में से एक पेमेंट बैंक का वजूद अब खत्म हो गया है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
 

2018 में ABIPBL की शुरुआत
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दरअसल, फरवरी 2018 में कारोबार शुरू करने वाले आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स लिमिटेड (ABIPBL) के बैंकिंग कंपनी का दर्जा समाप्त हो गया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. 

स्वैच्छिक तौर पर किया आवेदन
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पिछले साल नवंबर में रिजर्व बैंक ने बताया था कि आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक के स्वैच्छिक तौर पर कारोबार समाप्त करने का आवेदन दिया गया है. इसके बाद ही आरबीआई ने ये फैसला लिया है. 
 

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28 जुलाई 2020 से प्रभावी 
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केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘ बैंकिंग नियमन अधिनियम 1949 के तहत आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक का स्टेटस अब बैंकिंग कंपनी के रूप में समाप्त हो गया है. यह व्यवस्था 28 जुलाई 2020 से प्रभाव में आ गई है.’’
 

क्यों हुआ बंद
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आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक ने बताया था कि अपेक्षित कामयाबी नहीं मिलने की वजह से बिजनेस को आगे बढ़ाना संभव नहीं है. बता दें कि आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक में ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 51 प्रतिशत और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.
 

क्‍या होता है पेमेंट बैंक ?
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दरअसल, पेमेंट बैंकों को लॉन्च करने का मकसद स्माल सेविंग अकाउंट होल्डर्स, लो इनकम हाउसहोल्ड (कम आय वाले परिवार), असंगठित क्षेत्र, प्रवासी मजदूरों और छोटे बिजनेसमैन को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है. 

इन्हें पेमेंट बैंक शुरू करने की छूट दी
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इसके लिए आरबीआई ने नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन, मोबाइल फोन सेवा देने वाली कंपनियां या फिर सुपर मार्केट चेन आदि को पेमेंट बैंक शुरू करने की छूट दी है.
 

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