देश की प्रगति में कॉरपोरेट सेक्टर (Corporate Sector) का खासा योगदान है. देश कई बड़े उद्योगपति भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं. इनमें टाटा-अंबानी-अडानी से लेकर कई नाम शामिल हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बड़े कारोबारी घरानों ने अपने बिजनेस की जिम्मेदारियां नई पीढ़ी को भी सौंप दी हैं? यानी इन उद्योगपतियों के बच्चे अब कारोबार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. आइए जानते हैं किस-किस कंपनी को आगे बढ़ा हैं ये बिजनेस किड्स...
मुकेश अंबानी ने सौंपी कमान
अपने कारोबार में बच्चों को जिम्मेदारियां बांटने वाले कॉरपोरेट घरानों की बात करें तो सबसे पहले नाम आता है एशिया के दूसरे सबसे रईस और देश की सबसे वैल्यूवल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का. उन्होंने अपने तीन बच्चों को रिलायंस इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर्स बोर्ड (Reliance Board) में शामिल करते हुए ईशा, आकाश और अनंत को कारोबार में बड़ी जिम्मेदारियां दी हैं.
आकाश-ईशा और अनंत अंबानी
23 अक्टूबर 1991 को जन्मे आकाश अंबानी (Akash Ambani) जियो के चेयरमैन और स्ट्रेटजी हेड हैं. इसी तारीख को जन्मीं ईशा अंबानी (Isha Ambani) के कंधों पर रिलायंस रिटेल की जिम्मेदारी है. इसके अलावा 10 अप्रैल 1995 को जन्मे मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी Reliance 02C के डायरेक्टर होने के साथ-साथ रिलायंस न्यू सोलर एनर्जी के निदेशक भी हैं.
अनिल अंबानी- जय अनमोल अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के भाई 4 जुलाई 1959 को जन्मे अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने भी अपने बेटे को कारोबार की कमान दे दी है. उनके दो बेटे हैं, जय अनमोल अंबानी और जय अंशुल अंबानी. 12 दिसंबर 1991 को जन्मे अनमोल अंबानी (Anmol Abani) ने रिलायंस कैपिटल में कार्यकारी निदेशक के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
इसके अलावा अनमोल अंबानी रिलायंस इंफ्रा के डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर रहे हैं. हालांकि, अनिल अंबानी के दूसरे बेटे 1996 में जन्मे अंशुल अंबानी (Anshul Ambani) को रिलायंस इंफ्रा का डायरेक्टर नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने ये पद छोड़ दिया था.
गौतम अडानी-करण अडानी
एशिया के सबसे अमीर इंसान और पोर्ट से लेकर ग्रीन एनर्जी तक धमक रखने वाले में गौतम अडानी (Gautam Adani) अपना कारोबार लगातार बढ़ाते जा रहे हैं. Adani Group को आगे बढ़ाने में अब उनके बड़े बेटे करण अडानी शामिल हो चुके हैं. करण गौतम (Karan Adani) अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के CEO हैं.
इसके अलावा देश का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बनने के बाद हाल ही में करण को इस सेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें अंबुजा सीमेंट के गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) के पद पर नियुक्त किया गया है. वहीं ACC के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन भी बनाया गया है.
टाटा ग्रुप से जुड़े लेह-माया-नेविल
टाटा ग्रुप में हाल ही में नई पीढ़ी की भी एंट्री हुई है. बीते दिनों Tata Group की सब्सिडियरी टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट (Tata Medical Centre Trust) के बोर्ड ने रतन टाटा के भाई नोएल टाटा के तीनों बच्चों को शामिल किया गया है. इनमें लेह (Leah Tata), माया (Maya Tata) और नेविल (Neville Tata) के नाम शामिल हैं. एक ओर जहां नोएल टाटा टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन हैं और टाटा ट्रस्ट में बतौर ट्रस्टी भी एक्टिव हैं.
लेह-नेविल और माया Tata
लेह टाटा नोएल टाटा की सबसे बड़ी बेटी हैं और 2002 से ही टाटा के ताज ग्रुप ऑफ होटल्स का कार्यभार संभाल रही हैं. अब Tata Group में उन्हें और जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और उन्हें ही इस ग्रुप का सबसे अहम दावेदार समझा जा रहा है. नोएल टाटा के इकलौते बेटे नेविल टाटा अब अपनी पारिवारिक कंपनी की ओर रुख कर रहे हैं. नोएल टाटा की सबसे छोटी बेटी माया टाटा ने अपना करियर टाटा ऑपर्च्युनिटीज फंड से शुरू किया था. उन्होंने इस कंपनी में इन्वेस्टर रिलेशनशिप और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की फील्ड में काम किया था.
अजय पीरामल-आनंद पीरामल
Piramal Group के चेयरमैन अजय पीरामल हैं. उनकी बेटी नंदिनी पीरामल और बेटे आनंद पीरामल है. नंदिनी, पिरामल एंटरप्राइजेज की कार्यकारी निदेशक हैं और ओवर-द-काउंटर दवा व्यवसाय का नेतृत्व करती हैं. जबकि Anand Piramal पीरामल ग्रुप, पीरामल एंटरप्राइजेज के नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर होने के साथ ही पीरामल रियल्टी के फाउंडर हैं. 2005 में आनंद ने पीरामल लाइफ साइंस लिमिटेड में बतौर डायरेक्टर ज्वाइन किया था.
यहां बता दें आनंद पीरामल मुकेश अंबानी के दामाद भी हैं. उनकी शादी ईशा अंबानी से 12 दिसंबर 2018 को हुई गई. बीते 19 नवंबर 2022 को ही दोनों जुड़वां बच्चों के माता-पिता बने हैं. बेटे का नाम कृष्णा और बिटिया का नाम आदिया रखा गया है.
रिशद प्रेमजी- रोशनी नादर
भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) को 2019 तक अजीम प्रेमजी ही चला रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने इसे अपने बेटे रिशद प्रेमजी को सौंप दिया, जो जुलाई 2019 से विप्रो के चेयरमैन हैं. उनके दूसरे बेटे तारिक प्रेमजी अजीम प्रेमजी एंडोमेंट फंड के वाइस प्रेसिडेंट हैं. इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technology) की बागडोर अब इसके संस्थापक शिव नादर की बेटी रोशनी नादर संभाल रही हैं. रोशनी नादर मल्होत्रा एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन हैं. शिव नादर ने 2021 में कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था.