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यूटिलिटी

बनना चाहते हैं नौकरी देने वाला, आपकी मदद के लिए मोदी सरकार की ये 4 योजनाएं!

सरकारी लोन योजना
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अगर आपके पास रोजगार का आइडिया है, अगर आप नौकरी करने के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहते हैं. यानी आप अपना खुद का बिजनेस खड़ा करना चाहते हैं. ऐसे लोगों को सरकार हर तरह से मदद कर रही है. रोजगार छोटा हो या बड़ा, आपने सपना देखा है, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से कदम नहीं बढ़ा पा रहे हैं तो फिर केंद्र सरकार आपकी मदद के लिए तैयार है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से लोन ले सकते हैं. केंद्र सरकार स्वरोजगार के लिए कई योजनाएं चला रही है. 

मुद्रा लोन के बारे में
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मुद्रा लोन: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देश के युवाओं को अपना खुद का कारोबार शुरू करने के लिए बिना गारंटी के बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जाता है. इस योजना की शुरुआत आज से ठीक 6 साल पहले 8 अप्रैल 2015 को हुई थी. मुद्रा योजना में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. शिशु मुद्रा लोन (50,000 रुपये तक), किशोर मुद्रा लोन (50,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक) और तरुण मुद्रा लोन (5,00,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक) दिया जाता है. (Photo: File)

 6 वर्षों में 14.96 लाख करोड़ रुपये लोन दिए
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वित्त मंत्रालय के मुताबिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत पिछले 6 वर्षों में 28.68 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 14.96 लाख करोड़ रुपये दिए हैं. इस योजना को छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया था. मुद्रा योजना के तहत करीब 88 फीसदी शिशु लोन दिए गए हैं. (Photo: File)

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स्टैंडअप इंडिया योजना
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स्टैंडअप इंडिया योजना: अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए 5 अप्रैल 2016 को स्टैंडअप इंडिया योजना शुरू की गई थी. इस योजना का उद्धेश्य आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देते हुए जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन मंजूर किए जा चुके हैं.

 योजना का विस्तार भी वर्ष 2025 तक
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समाज के पिछड़े तबके के लोगों को कारोबार जगत में स्थापित करने की मोदी सरकार की एक योजना सफल होती दिख रही है. इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या एक लाख से भी अधिक हो गई है. अब इस योजना का विस्तार भी वर्ष 2025 तक कर दिया गया है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को 10 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा सकता है.

MSME लोन
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MSME लोन: कोरोना काल में पिछले साल आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के नाम से एमएसएमई की मदद के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का लोन देने की शुरुआत की गई थी. 31 मार्च 2021 को इस स्कीम की समयसीमा समाप्त हो रही थी. लेकिन अब इसे 30 जून तक बढ़ा दिया गया है. इस स्कीम के तहत मंजूर लोन की राशि मिलने की अंतिम तारीख 30 सितंबर, 2021 होगी.

 आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत MSME लोन
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ईसीएलजीएस स्कीम की घोषणा आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत पिछले साल मई में की गई थी. शुरुआत में यह स्कीम पूरी तरह से एमएसएमई के लिए समर्पित थी, लेकिन बाद में इसमें प्रोफेशनल्स को भी शामिल कर लिया गया. उसके बाद बड़ी कंपनियों को भी इस स्कीम के तहत लोन का मौका देने का फैसला किया गया. 

 स्वनिधि योजना
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स्वनिधि योजना: अगर आप पूंजी के अभाव में रेहड़ी-पटरी नहीं लगा पा रहे हैं तो बिना गारंटी आप 10,000 रुपये तक लोन ले सकते हैं. इस स्कीम का नाम पीएम स्वनिधि योजना है. सबसे खास बात यह है कि इस योजना के तहत कर्ज लेने के लिए कोई गारंटी देने की जरूरत नहीं है. सरकार ने देशभर में लगभग 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को इस तरह ऋण देने की योजना बनाई है.

स्वनिधि योजना में 10 हजार तक बिना गारंटी लोन
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आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत की इस योजना की शुरुआत हुई है. इस योजना की जिम्मेदारी केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के पास है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के अंतर्गत कुल 41,18,397 आवेदन आए हैं. उनमें से 23,87,276 आवेदनों को मंजूरी दी गई है. 20,06,147 आवेदनों को 10,000 रुपये का कर्ज जारी किया जा चुका है. 

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समय पर लोन लौटाने पर ब्याज में छूट
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रेहड़ी-पटरी वालों को यह कर्ज एक साल में मासिक किस्तों में लौटाना होगा. कर्ज समय पर चुकाने वाले लोगों को 7 फीसदी सालाना की ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी. साथ में 1200 रुपये तक की कैशबैक की भी सुविधा है. 

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