केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक 'सभी के लिए आवास' उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. यह एक सामाजिक कल्याण कार्यक्रम है जिसके माध्यम से सरकार उन बेघर लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिनकी पहचान एसईसीसी 2011 डेटा का उपयोग करके की गई है. नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत की थी. (Photo: File)
केंद्र सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए उसने जो आज से 5 साल पहले लकीर खींची थी, उसके करीब पहुंच गई. सरकार की मानें तो योजना के पहले चरण में यानी 2016-17 से 2018-19 तक 92% लक्ष्य हासिल किया गया है. सरकार को भरोसा है कि स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) में शामिल सभी घर अमृत महोत्सव के अंत तक पूरे हो जाएंगे. (Photo: File)
2011 के एसईसीसी डेटाबेस का उपयोग करके पहचान की गई मौजूदा स्थाई प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) के हिसाब से अब तक 2.14 करोड़ लाभार्थी पात्र पाए गए हैं. हालांकि इस सूची में शुरू में 2.95 करोड़ परिवार शामिल थे, मंजूरी के समय पर सत्यापन सहित कई स्तरों पर किए गए सत्यापन के माध्यम से, बहुत सारे घरों को पात्र नहीं पाया गया. (Photo: File)
वैरीफिकेशन के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कुल 2.14 करोड़ लोग पात्र पाए गए हैं. जिसमें से 1.92 करोड़ (90%) मकानों को मंजूरी दी गयी है और मंजूरी पाने वाले मकानों में से 1.36 करोड़ (71%) आवास पूर्ण हो चुके हैं. योजना के पहले चरण में यानी 2016-17 से 2018-19 तक एक करोड़ घरों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 92% लक्ष्य पूरा हो गया है. (Photo: File)
वित्त वर्ष 2020-21 में बजटीय सहायता के रूप में कुल 19,269 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध कराया गया था. इसके अलावा 20,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान की गई. कुल मिलाकर 39,269 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई जो योजना शुरू होने के बाद से किसी भी वर्ष में जारी की गई सबसे ज्यादा राशि है. राज्यों की हिस्सेदारी सहित राज्यों द्वारा किए गए व्यय में मौजूदा वित्त वर्ष में 46,661 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जो योजना शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा है. (Photo: File)
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 से आवास कार्यों की गति में काफी तेजी आई है, जिसमें पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना भी शामिल है. कार्यक्रम के लिए पर्याप्त धन के अलावा निर्माण कार्य पूरा होने और अन्य सुधारों पर जोर देने के कारण लगभग 73 लाख इंदिरा आवास योजना के तहत घरों का निर्माण पूरा हुआ. (Photo: File)