scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्रीज ने मांगी मदद, कहा- अब अस्तित्व का सवाल

कोरोना का असर
  • 1/6

कोरोना संकट की वजह से घरेलू पर्यटन और टूरिज्म सेक्टर तबाह हो गया है. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और आतिथ्य परामर्श कंपनी होटेलिवाटे (Hotelivate) की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस सेक्टर को कोराना की वजह से 5 लाख करोड़ रुपये यानी 65.57 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है.

आंकड़ा चिंता का विषय
  • 2/6

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ संगठित पर्यटन सेक्टर को ही इससे 25 अरब डॉलर का नुकसान होने की संभावना है. यह आंकड़ा चिंता का विषय है, और उद्योग को अपना अस्तित्व बचाने के लिए तत्काल राहत की जरूरत है.

पर्यटन क्षेत्र सबसे ज्यादा संकट में
  • 3/6

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पर्यटन क्षेत्र के सामने यह सबसे बड़े संकटों में से एक है. इसने सभी श्रेणियों घरेलू, अंतरदेशीय और अंतरराष्ट्रीय के पर्यटन को प्रभावित किया है. लग्जरी, साहसिक, विरासत, क्रूज, कॉरपोरेट सभी तरह के पर्यटन पर असर पड़ा है.

Advertisement
जल्द राहत की संभावना नहीं
  • 4/6

पहले अक्टूबर तक ही लॉकडाउन और उससे बाजार में आई नरमी के असर रहने का अनुमान था. लेकिन अब आंकड़े कुछ और दर्शाते हैं. मौजूदा रुख के हिसाब से अगले साल की शुरुआत तक होटलों में लगभग 30 फीसदी ही कमरे भरना शुरू होंगे. इससे होटलों की आय में 80 से 85 फीसदी तक कमी आएगी.

संकट में उद्योग
  • 5/6

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी ने भारतीय यात्रा और पर्यटन उद्योग की कमर तोड़ दी है. इसका असर पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है. इससे उद्योग को करीब 5 लाख करोड़ रुपये यानी 65.57 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है, इसमें अकेले संगठित पर्यटन उद्योग को ही 25 अरब डॉलर के नुकसान की संभावना है.

संकट गहराता गया
  • 6/6

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी में सबसे व्यस्त समय में होटलों में 80 फीसद कमरे भरे थे. फरवरी में यह घटकर 70 फीसदी, मार्च में 45 फीसद और अप्रैल में सात फीसद पर आ गया. मई, जून, जुलाई और अगस्त में यह दर क्रमश: 10 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 22 प्रतिशत रही. रिपोर्ट में इसके सितंबर में बढ़कर 25 प्रतिशत, अक्टूबर में 28 प्रतिशत, नवंबर में 30 प्रतिशत और दिसंबर में 35 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.

Advertisement
Advertisement