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यूटिलिटी

नो रिस्‍क का बेस्‍ट ऑप्‍शन बना गोल्‍ड ETF, इस साल न‍िवेशकों ने लगाए 6 हजार करोड़

कोरोना काल में नो रिस्‍क पर जोर
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कोरोन काल में लोगों ने निवेश पर तो जोर दिया है लेकिन साथ ही रिस्‍क से भी दूरी बनाई है. यही वजह है कि गोल्‍ड ईटीएफ निवेश का एक बड़ा साधन बन कर उभरा है. आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर 2020 को समाप्त तिमाही में निवेशकों ने गोल्‍ड ईटीएफ में 2,426 करोड़ रुपये निवेश किए. एक साल पहले इसी तिमाही में सिर्फ 172 करोड़ रुपये का निवेश हो सका था.  
 

पूरे साल शानदार प्रदर्शन
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एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के पास उपलब्ध आंकड़ों पर गौर करें तो निवेशकों के लिए गोल्‍ड ईटीएफ पूरे साल बढ़िया प्रदर्शन कर रही है. इसमें अब तक निवेशकों ने 5,957 करोड़ रुपये लगाये हैं.  

जनवरी में 202 करोड़ का निवेश 
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मासिक आधार पर देखें तो निवेशकों ने जनवरी में 202 करोड़ रुपये और फरवरी में 1,483 करोड़ रुपये लगाये. हालांकि मार्च में उन्होंने 195 करोड़ रुपये की मुनाफा वसूली की. 

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अप्रैल में 731 करोड़ का निवेश 
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अप्रैल में फिर से 731 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. इसके बाद मई में 815 करोड़ रुपये, जून में 494 करोड़ रुपये, जुलाई में 921 करोड़ रुपये, अगस्त में 908 करोड़ रुपये और सितंबर में 597 करोड़ रुपये का निवेश आया. 

गोल्‍ड ईटीएफ के बारे में 
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बता दें कि गोल्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) एक इन्वेस्टमेंट फंड है जो मुख्य तौर पर स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड करता है. अगर गोल्ड ईटीएफ खरीदना है तो आपको ऑनलाइन खरीदना होगा. इसी तरह, आप अपने घर की बजाए डीमैट अकाउंट में गोल्ड ईटीएफ को रख सकते हैं.

गोल्ड ईटीएफ में प्योरिटी और सिक्योरिटी की चिंता नहीं
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इलेट्रॉनिक फॉर्म में होने की वजह से ये सुरक्षित होते हैं. आप फिजिकल गोल्ड के मुकाबले इसे बेहद आसानी से बेच सकते हैं और आपको कैश भी जल्दी मिल जाएगा. गोल्ड ईटीएफ में सोने की प्योरिटी और सिक्योरिटी की भी चिंता नहीं होती है. इसके साथ ही आप कम से कम मात्रा में निवेश कर सकते हैं.  

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