हर कोई अपनी फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) अच्छी रखने के उद्देश्य से कमाई करता है और इसमें कुछ न कुछ बचत करते हुए इसे ऐसे जगह इन्वेस्ट (Investment) करता है जिससे उसे आने वाले समय में आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े. लेकिन पैसा कमाना आसान नहीं होता है और बचत करना इससे भी मुश्किल होता है. वर्तमान के साथ-साथ भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कमाने के लिए सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट अहम हो जाता है. भविष्य में आर्थिक परेशानी का सामना ना करने पड़े, इसके लिए सही समय पर अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग करना बेहद जरूरी है. ऐसा करने से आपको जीवन के विभिन्न लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है. कई ऐसे लोग हैं, जो कि जल्दी रिटायर होना चाहते हैं. हम आपको ऐसे ही पर्सनल फाइनेंस के उन 5 खास सिद्धांतों के बारे में बता रहे हैं, जो फाइनेंशियल गोल्स हासिल करने और पैसे से पैसा बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं...
रिटायरमेंट प्लानिंग करना है जरूरी
कमाई के साथ बचत ही बुढ़ापे की पूंजी होती है, ऐसे में रिटायरमेंट प्लानिंग पहले से ही करना जरूरी है. इसके लिए नौकरीपेशा PF अकाउंट में वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड के जरिए कंट्रीब्यूशन बढ़ा सकते हैं. अगर PF अकाउंट नहीं है, तो फिर आप रेकरिंग डिपॉजिट, PPF, ELSS, म्यूचुअल फंड जैसे कई विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें सैलरी का एक हिस्सा आप हर महीने जमा करके अच्छा फंड जमा किया जा सकता है. इस मामले में जितना कम उम्र से निवेश शुरू किया जाए, उतना ही अच्छा होता है. इस बीच एक खास बात ध्यान में रखना जरूरी है कि रिटायरमेंट प्लानिंग के तहत जो फंड जमा कर रहे हैं उसे बहुत अधिक जरूरत ना हो तो हाथ ना लगाएं. यह आपके काम तब आएगा, जब आप नौकरी से दूर हो जाएंगे और आपकी कोई नियमित मासिक आय नहीं होगी.
इमरजेंसी फंड बनान है अहम
इन्वेस्टमेंट के साथ ही अपने गोल को पाने के लिए दूसरा काम आपको ये करना होगा कि एक इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं, क्योंकि पैसा ज्यादातर मुश्किलों को हल कर सकता है. इस इमरजेंसी फंड से आप जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं. इमरजेंसी फंड बनाने के लिए चाहें तो किसी बैंक में खाता खुलवाकर उसमें हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि इन इमरजेंसी फंड के पैसों का इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही करना चाहिए. वैसे भी कहा जाता है कि आप कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड जरूर तैयार रखें. यह किसी भी कारण से नौकरी चले जाने, अचानक आपको या घर के किसी सदस्य के बीमार हो जाने, अचानक कोई दुर्घटना हो जाने जैसी स्थितियों में आपको परेशानियों से बचाता है और आपके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ने से रोकता है.
लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस लेना ना भूलें
इमरजेंसी फंड के अलावा आपके पास लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस होना भी जरूरी है. इसकी अहमियत क्या है बीते सालों में कोरोना के प्रकोप के दौरान लगभग सभी को समझ भी आ गई है. दरअसल, किसी अनहोनी से खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए बीमा पॉलिसी खरीदना जरूरी है. कम उम्र में पॉलिसी खरीदना बेहतर होता है, क्योंकि उम्र के हिसाब से आपको प्रीमियम भी कम भरना पड़ता है. इसके अलावा, हेल्थ इंश्योरेंस भी लेना चाहिए, ताकि इलाज के मोटे खर्च के बोझ को कम किया जा सके. इंश्योरेंस आपको अनहोनी की स्थिति में सुरक्षा कवर प्रदान करता है. अगर आपके ऊपर होम लोन जैसा कोई बड़ा कर्ज चल रहा है तो कर्ज की रकम के बराबर टर्म लोन रखना भी होशियारी है.
अच्छे रिटर्न वाले ऑप्शंस में निवेश
आमतौर पर देखने को मिलता है कि लोग अपनी कमाई में से की गई बचत को ऐसी जगह निवेश करता है जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे. ऐसे में बैंक एफडी (Bank FD), सेविंग अकाउंट या RD के ऑप्शंस चुनते हैं. इनमें निवेश के साथ ही कुछ हिस्सा ऐसी जगह भी निवेश करना चाहिए जहां अच्छा रिटर्न हासिल हो, क्योंकि इन पर ज्यादा ब्याज नहीं मिलता है. महंगाई के मद्देनजर आपको कुछ ऐसे विकल्पों में पैसा लगाना चाहिए जहां उससे अधिक दर पर रिटर्न हासिल हो सके. इसके लिए आप लंबी अवधि के लिए शेयरों में इन्वेस्ट कर सकते हैं. शेयर मार्केट में बैंक एफडी और RD के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलता है. हालांकि, स्टॉक मार्केट (Stock Market) में निवेश करने से पहले बाजार के बारे में अच्छे से रिसर्च कर लें. इसके लिए आप प्रोफेशनल फाइनेंशियल एडवाइजर्स की हेल्प ले सकते हैं.
महंगे कर्ज के जाल से बचें
अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज (Loan) लेना अब आम बात है. लोग घर खरीदने, कार खरीदने जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेते ही हैं. हालांकि कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि लोग कार लोन, होम लोन या अन्य जरूरतों के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) तक ले लेते हैं. इस कारण ऐसे लोगों को ब्याज के रूप में लंबे समय तक मोटी रकम चुकानी पड़ती है, क्योंकि पर्सनल लोन की ब्याज दरें अधिक होती हैं. आप चाहें तो ऑटोमैटिक डेब्ट रीपेमेंट प्लान अपनाकर हर महीने ज्यादा पेमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा, हर साल लोन के कुछ हिस्से का प्री-पेमेंट (Loan Pre-Payment) भी कर सकते हैं. कर्ज चुकाने से न सिर्फ क्रेडिट स्कोर सुधरेगा बल्कि ब्याज का पैसा भी बचेगा. इन पैसों को इन्वेस्ट करके आप ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.