बजट के बाद से ही शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी है, एक के बाद एक रिकॉर्ड बन रहा है. सोमवार को सेंसेक्स 52000 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा. वहीं मंगलवार को बाजार ने उच्चतम स्तर का नया रिकॉर्ड बनाया. मंगलवार को सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान 52,516 अंक को छुआ, जबकि निफ्टी 15400 के पार निकल गया. (Photo: File)
भारतीय शेयर बाजारों में तेजी के पीछे विदेशी निवेशकों का बड़ा रोल है. नवंबर से लगातार हर महीने विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार को लेकर विश्वास बढ़ा है. 15 फरवरी तक इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों (FII) ने 18,883 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि जनवरी के पूरे महीने में केवल 19 हजार 473 करोड़ रुपये का निवेश किया था. (Photo: File)
दरअसल, बजट में सरकार का हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिवेश पर खास फोकस रहा. बजट में सरकार के कदम से विदेशी निवेशक का भारतीय बाजार को लेकर विश्वास और बढ़ा है, जिससे शेयर बाजार में एकतरफा रैली देखने को मिल रही है. सरकार बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया है. (Photo: File)
पॉजिटीव ग्लोबल सेटीमेंट
इसके अलावा सरकार ने दो सरकारी बैंकों को बेचने का ऐलान किया है. बजट से पहले भी सरकार ने कई सेक्टर में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. वहीं कोरोना वैक्सीन आने से इकोनॉमी में तेज सुधार देखने को मिल रही है. अमेरिका में नए राहत पैकेज की खबरों से ग्लोबल सेंटीमेंट में जोरदार सुधार आया है. (Photo: File)
इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत
दिसबंर महीने IIP पॉजिटिव रही है. इसमें 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. इस सुधार में मेटल, pharmaceutical और पेट्रोकेमिकल्स प्रोडक्ट्स का खास योगदान रहा. नवंबर IIP में 1.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी. वहीं जनवरी में खुदरा महंगाई दर में भी गिरावट आई है. (Photo: File)
कोरोना वायरस के घटते मामलों और इकोनॉमी के खुलने के साथ ही डिमांड में जोरदार रिकवरी के चलते दिसंबर तिमाही के नतीजे बेहतर रहे हैं. गौरतलब है कि साल 2019 में भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने वाले शीर्ष 10 देशों में शामिल रहा है. इस दौरान भारत में एफडीआई 16 फीसदी बढ़कर 49 अरब डॉलर रहा. (Photo: File)
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बीच भारत और चीन ने विदेशी पूंजी को आकर्षित किया. रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल क्षेत्र में दिलचस्पी के चलते भारत में 2020 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 13 फीसदी बढ़ा. भारत का एफडीआई निवेश साल 2020 में 57 अरब डॉलर रहा. जबकि ब्रिटेन (Britain), अमेरिका (America) और रूस जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी का प्रवाह बहुत तेजी से घटा. (Photo: File)