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यूटिलिटी

इस योजना में किसानों के ग्रुप को मिलते हैं 18 लाख रुपये, मोदी सरकार ने दिए 6865 करोड़

नए FPO बनाने का प्रस्ताव
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मोदी सरकार ने पूरे देश में अगले पांच साल में 10 हजार नए फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) बनाने का प्रस्ताव रखा है. इन एफपीओ के द्वारा किसानों को फसल की उपज से लेकर बिक्री तक कई तरह की सहूलियतें दी जाती हैं. (फाइल फोटो: PTI)
 

किसान को बाजार की ताकत
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पीएम मोदी ने बुधवार को संसद में कहा कि इनकी मदद से किसान को बाजार की ताकत मिलेगी. कृष‍ि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इनके लिए 6,865 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. ऐसे हर एफपीओ को तीन साल के लिए 18 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है. (फाइल फोटो: PIB)

10000 नए एफपीओ
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2019 को देश में अगले पांच साल में 10,000 नए एफपीओ बनाने के लिए 'फॉर्मेशन ऐंड प्रमोशन ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन' की शुरुआत की थी. (फाइल फोटो: PIB)

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किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद
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एफपीओ से छोटे और भूमिहीन किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. असल में सामूहिक ताकत की वजह से किसानों को बेहतर क्वालिटी के इनपुट, टेक्नोलॉजी, कर्ज और बेहतर मार्केटिंग पहुंच हासिल हो सकती है.  (फाइल फोटो: PTI)

कृष‍ि निर्यात दोगुना करने का इरादा
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कृष‍ि मंत्रालय ने कहा कि इन सब प्रयासों से साल 2020 तक कृष‍ि निर्यात बढ़ाकर 2022 तक दोगुना कर देने का इरादा है. मंत्रालय ने कहा कि भारतीय खेती को 'आत्मनिर्भर कृष‍ि'  में बदलने की दिशा में एफपीओ को बढ़ावा देना पहला कदम है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और ग्रामीण युवाओं के लिए नौकरियों के अवसरों का सृजन होगा. (फाइल फोटो)

ये किसानों के संगठन होते हैं
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क्या होते हैं एफपीओ: इस योजना की शुरुआत साल 2011-12 में की गई थी. ये असल में किसानों के संगठन होते हैं. इसमें कंपनी अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड किसान उत्पादक कंपनी या किसान सहकारी समिति हो सकती है. (फाइल फोटो: PTI)

उपज का बेहतर दाम
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ऐसी कंपनियों के शेयरधारक किसान ही होते हैं. इन एफपीओ के द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट उपलब्ध कराने से लेकर उनके उत्पाद की शॉर्टिंग, सफाई, पैकेजिंग जैसी मदद मुहैया कराई जाती है. इनके द्वारा किसान अपनी फसल व्यापारियों को बेचता है. सामूहिकता की ताकत की वजह से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलता है. (फाइल फोटो: बंंदीप स‍िंह) 

नए एफपीओ उत्पादन केंद्रों में
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कृष‍ि मंत्रालय के अनुसार, नए एफपीओ ऐसे उत्पादन केंद्रों (प्रोड्यूस क्लस्टर) में विकसित किए जाएंगे जहां कृष‍ि और वानिकी उत्पाद बड़े पैमाने पर होते हैं. नए कृष‍ि उत्पाद व्यापार एवं वाण‍िज्य अध‍िनियम 2020 में अब एफपीओ को भी 'किसान' मान लिया गया है. (फाइल फोटो: PTI)

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