हैदराबाद की दवा कंपनी ग्लैंड फार्मा (Gland Pharma) का IPO आज यानी 9 नवंबर को खुल गया है. आप 11 नवंबर तक इस आईपीओ में निवेश कर सकते हैं. चीन के फोसन फार्मा की हिस्सेदारी वाले ग्लैंड फार्मा ने इस IPO के जरिये करीब 6,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है.
ग्लैंड फार्मा के IPO के लिए प्राइस बैंड 1,490-1,500 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इस IPO के तहत 1,250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू जारी किया जाएगा, जबकि 4,750 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (OFS) रखा जाएगा. इस IPO में फोसन फार्मा और ग्लैंड सेल्सस केमिकल्स लिमिटेड अपनी हिस्सेदारी बेचेगी. 10 शेयर का एक लॉट साइज होगा और अधिकर 13 लॉट के लिए रिटेल निवेशक आवेदन कर सकते हैं.
ग्लैंड फार्मा ने आईपीओ से पहले एंकर निवेशकों से 1,944 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस IPO में 50 फीसदी शेयर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए आरक्षित है और 35 फीसदी शेयर रिटेल निवेशक खरीद पाएंगे. इसके अलावा 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए रखा गया है. इस साल किसी फॉर्मा कंपनी का यह पहला आईपीओ है.
चीन की मेजोरिटी हिस्सेदारी वाली किसी कंपनी का पहला IPO होगा. IPO के लीड मैनेजर में सिटी, नोमुरा और कोटक महिंद्रा बैंक हैं. बैंकरों के मुताबिक हैदराबाद की दवा कंपनी ग्लैंड फार्मा 6,000 करोड़ रुपये का IPO ला रही है. यह देश में किसी भी दवा कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा IPO है. इससे पहले यह रिकॉर्ड एरिस लाइफसाइंसेज के नाम था, जिसने 2017 में 1,741 करोड़ रुपये जुटाए थे.
इस आईपीओ से मिलने वाले ज्यादातर पैसे का इस्तेमाल कंपनी भारतीय कारोबार को बढ़ाने के लिए और वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी. आईपीओ के नजरिये से साल 2020 अबतक शानदार रहा है. इस आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है.
इस फार्मा कंपनी में शंघाई फोसन फार्मा की मेजोरिटी हिस्सेदारी है. हॉन्ग कॉन्ग में लिस्टेड फोसन फार्मा ने अक्टूबर 2017 में ग्लैंड फार्मा में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी. फोसन फार्मा ने प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर से ग्लैंड फार्मा की हिस्सेदारी खरीदी थी और इसके लिए चीनी कंपनी ने 1.09 बिलियन डॉलर का निवेश किया.
बता दें, ग्लैंड फार्मा हैदराबाद की कंपनी है. इसकी स्थापना 1978 में पीवीएन राजू ने की थी. कंपनी जेनरिक इंजेक्टेबल फार्मा प्रोडक्ट बनाती है. अगर कारोबार पर नजर डालें तो 31 मार्च 2020 को खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 2,772 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,129.7 करोड़ रुपये था. वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान कंपनी ने 772.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 451.8 करोड़ रुपये था.