scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

इंफ्रा नेशनल बैंक देश के लिए क्यों जरूरी? सरकार ने बताया- कैसे करेगा काम

इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए बनेगा अलग बैंक
  • 1/10

केंद्र सरकार ने एक नए नेशनल बैंक बनाने का फैसला किया है, सरकार का कहना है कि यह बैंक देश के विकास में भागीदार बनेगा. हर किसी के मन में सवाल है कि आम सरकारी बैंक से यह कैसे अलग होगा, और यह कैसे काम करेगा? सरकार को अलग से इंफ्रा नेशनल बैंक बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? (Photo: File)

केंद्रीय कैबिनेट की मुहर
  • 2/10

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट में इंफ्रा सेक्टर के लिए डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) को मंजूरी दे दी गई है. इसे बैंक को 'विकास वित्त संस्थान' नाम दिया गया है. सरकार ने बजट में इस बैंक को बनाने का ऐलान किया था. (Photo: File)

कैसे करेगा इंफ्रा बैंक काम?
  • 3/10

कैसे करेगा इंफ्रा बैंक काम?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह इंफ्रा नेशनल बैंक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट को फंडिंग का काम करेगा. यह डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स को फंडिंग करेगा, ताकि तेज गति से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो सके. विकास वित्त संस्था को इसी उम्मीद के साथ बनाया गया है, जो मार्केट की उम्मीदों को भी पूरा करेगा. (Photo: File)
 

Advertisement
 वित्तीय विकास संस्थान का लोन देने का काम
  • 4/10

यह वित्तीय विकास संस्थान इंफ्रा सेक्टर को सस्ती और लंबी अवधि के लिए ऋण उपलब्ध कराएगा. साथ ही इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की रीस्ट्रक्चरिंग और प्रोजेक्ट का क्लोजर भी DFI के जिम्मे होगा. सरकार का कहना है कि इस बैंक की मदद से विकास की गाड़ी तेजी से पटरी पर दौड़ेगी. (Photo: File)
 

इस बैंक में सरकार डालेगी 20 हजार करोड़ रुपये
  • 5/10

इस बैंक में सरकार डालेगी 20 हजार करोड़ रुपये
सरकार के मुताबिक नए संस्था को बिल्कुल जीरो से शुरू किया जाएगा. अभी एक बोर्ड का गठन किया जाएगा. सरकार की ओर से 20 हजार करोड़ रुपये का शुरुआती फंड दिया जाएगा. लेकिन बाजार से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है. इस बैंक के द्वारा बॉन्ड जारी कर इसमें निवेश किया जाएगा. (Photo: File)

प्रोफेशनल लोग चलाएंगे यह इंफ्रा बैंक 
  • 6/10

प्रोफेशनल लोग चलाएंगे यह इंफ्रा बैंक 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि DFI के पास एक प्रोफेशनल बोर्ड होगा. बोर्ड मेंबर में क्षेत्र के बड़े लोगों को स्थान दिया जाएगा, उनके अनुभव का इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें निवेश करने वालों को टैक्स बेनिफिट भी मिलेगा, टैक्स छूट का दायरा 10 साल तक के लिए होगा. (Photo: File)

इंफ्रा बैंक क्यों जरूरी?
  • 7/10

इंफ्रा बैंक क्यों जरूरी?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण की मानें तो इससे पहले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कोई भी बैंक लॉन्ग टर्म रिस्क लेने को तैयार नहीं था. यानी कोई भी पुराना बैंक इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में फंड करने के लिए तैयार नहीं था. जिसके बाद सरकार ने इस तरह के बैंक का गठन करने का फैसला लिया है, और बजट में ऐलान हुआ और अब मंजूरी दे दी गई है. (Photo: File)
 

DFI को मिलेगा कई अधिकार
  • 8/10

सरकार DFI को कुछ सिक्योरिटीज जारी करने पर विचार कर रही है, जिससे उसके फंड्स की कॉस्ट कम हो जाएगी और इससे DFI को तमाम श्रोतों से फंड जुटाने में मदद मिलेगी. निर्मला सीतारमण ने कहा कि इंफ्रा सेक्टर के लिए नेशनल बैंक के गठन और DFI के बाद भी सरकार PSU बैंक के हितों की रक्षा करेगी. (Photo: File)
 

सभी बैंकों का नहीं होगा निजीकरण
  • 9/10

सभी बैंकों का नहीं होगा निजीकरण
वहीं बैंकों के निजीकरण के विरोध के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि सभी बैंकों का निजीकरण नहीं किया जाएगा, हम चाहते हैं कि देश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक बनें. जिन बैंकों का निजीकरण हो रहा है, उनके कर्मचारियों के अधिकारों और भविष्य का ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे बैंकों के कर्मचारियों के वेतन, स्केल, पेंशन से जुड़ी सभी चीजों का ख्याल रखा जाएगा. (Photo: File)

Advertisement
बैंकों के निजीकरण का विरोध
  • 10/10

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मानें तो सरकार ने चार ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें पब्लिक सेक्टर की उपस्थिति रहेगी. इनमें फाइनेंशियल सेक्टर भी शामिल है. इसलिए सभी बैंकों का निजीकरण नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने IDBI Bank के अलावा दो अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों के प्राइवेटाइजेशन का प्रस्ताव पेश किया था. (Photo: File)


 

Advertisement
Advertisement