सिक्के भारतीय करेंसी का अहम हिस्सा हैं. इनका इस्तेमाल हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं. हालांकि, मौजूदा डिजिटल के दौर में लोगों के हाथों में सिक्के बेहद कम ही नजर आते हैं. लेकिन आज भी जब वो किसी की जेब से गिरते हैं, तो उनकी खनकती आवाज सभी की ध्यान अपनी तरफ खींच ही लेती है. लेकिन क्या आपको पता है कि आप अपने बैंक अकाउंट (Bank Account) में कितनी राशि तक के सिक्के जमा कर सकते हैं. रिजर्व बैंक के नियम इस संबंध में क्या कहते हैं जान लीजिए.
देश में करेंसी जारी करने की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऊपर है. वर्तमान में देश में एक रुपये, दो रुपये, पांच रुपये, दस रुपये तथा बीस रुपये के सिक्के जारी किए जा रहे हैं. सिक्का निर्माण अधिनियम 2011 के तहत 1000 रुपये तक के मूल्यवर्ग के सिक्के जारी किए जा सकते हैं.
सिक्का निर्माण अधिनियम 2011 के तहत भारत सरकार द्वारा ढाले गए तथा समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संचलन के लिए जारी अन्य सभी मूल्यवर्गों के विभिन्न आकार, विषय-वस्तु (थीम) तथा रूपरेखा (डिजाइन) के सिक्के वैध मुद्रा के रूप में जारी हैं.
अब आते हैं कि अपने बैंक खाते में आप कितनी राशि तक के सिक्के जमा कर सकते हैं. इस संबंध में रिजर्व बैंक कहता है कि बैंकों में ग्राहकों द्वारा सिक्के जमा करवाने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है. बैंक अपने ग्राहकों से कितनी भी राशि के सिक्के स्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं. इसका मतलब ये है कि आप सिक्के के रूप में कितनी भी राशि अपने बैंक खाते में जमा कर सकते हैं.
रिजर्व बैंक से सालाना आधार पर प्राप्त होने वाले मांगपत्र (इंडेंट) के आधार पर ढाले जाने वाले सिक्कों की मात्रा भारत सरकार तय करती है. इसके अलावा अलग-अलग मूल्य के सिक्कों की ढलाई और रूपरेखा (डिजाइन) तैयार करने की जिम्मेदारी भी भारत सरकार पर है.