बॉलीवुड फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का एक बेहद लोकप्रिय डायलॉग है, जिसमें दीपिका पादुकोण कहती हैं कि ‘एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू!’, लेकिन आज के दौर में ये कुछ इस तरह होगा ‘कोरोना वैक्सीन की असली कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू, मेडिकल का बहुत सारा खर्च बचा सकती है ये वैक्सीन’
जहां तक कोविड-19 के वैक्सीन की बात करें, तो ये दुनिया में पहली बार है जब किसी वैक्सीन को लेकर इतना तेजी से रिसर्च हुआ हो. देश में जनवरी से डॉक्टर्स, फरवरी से सीनियर सिटीजन्स और मार्च से 45 साल के ऊपर वालों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया था. हालांकि वैक्सीन लगवाने का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा जानें आगे... (Photo : Getty)
वैक्सीन लगवाने का आपकी जेब पर क्या असर पड़ता है, इसके लिए Star Health and Allied Insurance ने अपने ग्राहकों के बीच एक सर्वे किया. ये सर्वे देश के 1,104 अस्पतालों में कोविड-19 का इलाज कराने के लिए भर्ती हुए मरीजों के बीच किया गया. (Photo : Getty)
Star Health and Allied Insurance ने अपने सर्वे में पाया कि जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली थीं. उनके अस्पताल में भर्ती होने का कुल खर्च वैक्सीन नहीं लेने वालों के मुकाबले करीब 24% कम रहा. ICU वालों के बिल में भी कमी आई. जानें आगे...
सर्वे में कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों के हॉस्पिटलाइजेशन बिल का भी एनालिसिस किया गया. ऐसे मरीजों को ICU में रखना जरूरी होता है. इनमें से जिन मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी उनके मेडिकल बिल में भी 15% तक की कमी देखी गई. (Photo : Getty)
Star Health and Allied Insurance के सर्वे के हिसाब से जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई उनका अस्पताल में भर्ती होने का औसत खर्च 2.77 लाख रुपये रहा जबकि वैक्सीन लगवाए मरीजों का औसत खर्च 2.1 लाख रुपये रहा. मेडिकल बिल में ये कमी आईसीयू की जरूरत में कमी आने, अस्पताल में कम दिन रहने से खर्च घटने की वजह से आई. (Photo : Getty)
Star Health and Allied Insurance ने कोविड के 3,820 ऐसे मरीजों के बीच सर्वे किया जिनकी उम्र 45 साल या उससे अधिक थी. ये सर्वे कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यानी मार्च और अप्रैल में किया गया.