अब निवेशक अलॉटमेंट के इंतजार में हैं. अगर आप ने भी Happiest Minds के आईपीओ के लिए अप्लाई किया है तो बेहद आसान तरीके से चेक कर सकते हैं कि आपको मिला है या नहीं?
शानदार डिमांड के कारण Happiest Minds का IPO इस दशक का आठवां सबसे बड़ा इश्यू बन गई है. अब निवेशक अलॉटमेंट के इंतजार में हैं. अगर आप ने भी Happiest Minds के आईपीओ के लिए अप्लाई किया है तो बेहद आसान तरीके से चेक कर सकते हैं कि आपको मिला है या नहीं?
सबसे पहले आप ipo.alankit.com ओपन करें. उसके बाद सेलेक्ट कंपनी में Happiest Minds पर क्लिक करें, उसके नीचे अपना अप्लीकेशन नंबर डालें. आप अप्लीकेशन नंबर की जगह डीमैट अकाउंट नंबर या PAN नंबर की मदद से भी अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं. लेकिन यहां तभी कंपनी का नाम सेलेक्ट कर पाएंगे जब शेयर अलॉट हो जाएंगे.
इसके अलावा आप BSE की वेबसाइट पर भी जाकर अपना अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं. इसके लिए आपको इस लिंक पर https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx क्लिक करना है. यहां भी पहले आपको Happiest Minds सेलेक्ट करना होगा, उसके बाद अपना अप्लीकेशन नंबर डालना होगा.
मिल रही जानकारी के मुताबिक Happiest Minds के शेयर 17 सितंबर को ट्रेडिंग के लिए BSE और NSE पर लिस्टिंग हो जाएगी. हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नॉलजी (Happiest Minds Technologies) शेयर के लिए प्राइस बैंड 165-166 रुपये रखा गया है. निवेशकों को कम से कम 90 शेयर अलॉट होंगे.
इस आईपीओ के जरिये कंपनी ने 702 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. जिसमें 110 करोड़ रुपये का नया इश्यू भी शामिल है. आईटी सर्विस फर्म Happiest Minds ने एंकर्स इंवेस्टर्स के जरिये 316 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है. एंकर्स निवेशक में सिंगापुर सरकार, गोल्डमैन सैक्स, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, नोमुरा फंड्स आयरलैंड, जुपिटर इंडिया और पैसिफिक होराइजन इन्वेस्टमेंट शामिल हैं.
Happiest Minds के प्रमोटर मिडकैप आईटी फर्म माइंडस्पेस के फाउंडर रह चुके हैं. अशोक सूता 15 साल तक विप्रो के साथ भी जुड़े थे. कंपनी का 97 फीसदी रेवेन्यू डिजिटल विंग से आता है. यह इन्फोसिस, कॉग्निजेंट, माइंडट्री से कहीं ज्यादा है. इन कंपनियों का ऐवरेज कंट्रीब्यूशन 40-50 फीसदी के करीब है.
इस IT कंपनी का हेडक्वार्टर मुंबई में है. इस कंपनी की स्थापना 2011 में की गई. कंपनी का फोकस डिजिटल IT सुविधा देने पर है. कंपनी US,यूके ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट में कारोबार करती है. गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से मार्च महीने से ही आईपीओ का बाजार सूखा पड़ा था. लेकिन अब लगातार कई कंपनियां आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में हैं.