देश की अर्थव्यवस्था का इंजन कहे जाने वाले छोटे कारोबारी और MSME पर कोरोना की बहुत बुरी मार पड़ी है. ऐसे में अगर छोटे कारोबारी लॉकडाउन से हुए नुकसान से जल्दी बाहर आनाा चाहते हैं तो ये 5 टिप्स उनके काम आ सकते हैं. (Photo : PTI)
देश में काम करने वाले अधिकतर MSME छोटी पूंजी पर चलते हैं और उनकी अपने क्लाइंट के साथ एक अलग तरह की पेमेंट साइकिल सेट होती है. लॉकडाउन की वजह से एक तरफ उनकी पूंजी पर असर पड़ा है तो दूसरा पेमेंट साइकिल भी गड़बड़ाई है, ऐसे में सबसे जरूरी है कि वो अपने कैश फ्लो को मेंटेन करें. अब ये कैसे होगा? (File Photo)
केन्द्र सरकार लगातार MSME सेक्टर को मजबूत बनाने में लगी हुई है. इस साल बजट में केन्द्र सरकार ने MSME को नए तरह से परिभाषित करते हुए उनकी पेड-अप कैपिटल की सीमा को बढ़ा दिया था. ऐसे में कैश फ्लो मेंटनेन करने के लिए आप इस बढ़ी हुई सीमा के मुताबिक बैंक से ऋण ले सकते हैं. बैंक का ऋण बाजार में मिलने वाले अन्य ऋण से सस्ता पड़ता है. (File Photo)
कोरोना से उबरने के लिए केन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की है. इस पैकेज में MSME सेक्टर के लिए अलग से क्रेडिट लाइन गारंटी दी है. कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार ने इस क्रेडिट लाइन गारंटी को बढ़ा भी दिया है. आप अपने कैश फ्लो को मेंटेन करने के लिए इस क्रेडिट लाइन गारंटी का फायदा भी उठा सकते हैं.
कैश फ्लो को मेंटेन करने के बाद छोट कारोबारियों को अपने बिजनेस को दोबारा रफ्तार देने की जरूरत है. इस बारे में Ethique Advisory के बिजनेस कोच रतिश पान्डे कहते हैं कि सरकार का फोकस छोटे बिजनेस पर है, ऐसे में कारोबार बढ़ाने के लिए आपको उसके इनिशिएटिव्स पर ध्यान देना चाहिए. सरकार ने अलग-अलग सेक्टर के लिए PLI स्कीम की घोषणा की है, अगर आपके सेक्टर के लिए ये स्कीम आई है तो आपको इसका लाभ उठाने पर फोकस करना चाहिए. (Photo : PTI)
केन्द्र सरकार लगातार देश को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए Make In India को भी शुरू किया गया है. ऐसे में छोटे कारोबारियों को Make In India से जुड़ने की कोशिश करनी चाहिए. इतना ही नहीं सरकारी खरीद के ऑनलाइन पोर्टल GeM पर मौजूद अवसरों को भी कैश करना चाहिए.
रतिश पान्डे का कहना है कि क्वालिटी एक ऐसा पॉइंट है जहां हमारे MSME कई बार पीछे रह जाते हैं. इसलिए कोरोना के बाद तेजी से बदल रही दुनिया में उन्हें क्वालिटी पर फोकस करना होगा. इसके लिए वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के Zero Effect, Zero Defect के मंत्र को अपना सकते है. बिजनेस के लिए सबसे अच्छी प्रैक्टिस को अपनाने पर फोकस कर सकते हैं.
अगर छोटे कारोबारियों को अपने कारोबार को बड़ा करना है तो उन्हें बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके लिए उन्हें टेक्नोलॉजी पर अपना निवेश बढ़ाने पर फोकस करना होगा. फिर वो चाहे डिजिटल पेमेंट हो या डिजिटल रीच (वेबसाइट, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर रजिस्ट्रेशन) या फ्लोर मैनेजमेंट या मशीनरी, इससे जुड़ी नई टेक्नोलॉजी पर उन्हें इन्वेस्ट करना होगा. (Photo : Getty)
एक और बड़ा सेगमेंट जहां छोटे कारोबारी पीछे रह जाते हैं, वो है मार्केटिेंग. माना उनका मार्केटिंग का बजट कम होता है, लेकिन अब कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं जहां आप कम बजट में मार्केटिंग कर सकते हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल पर बिजनेस कैटेगरी में रजिस्टर कर मार्केटिंग कर सकते हैं. गूगल रिव्यू का सहारा ले सकते हैं. (Photo : PTI)