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यूटिलिटी

नहीं जमा कर पाए इनवेस्टमेंट प्रूफ! डोन्ट वरी, अब भी आप ऐसे बचा सकते हैं टैक्स

अब भी टैक्स बचाने का रास्ता
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इस महीने ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के एचआर विभाग की तरफ से इनवेस्टमेंट का फाइनल प्रूफ मांगा गया था. यानी कि उन्होंने साल 2020-21 में टैक्स सेविंग के लिए कितना निवेश किया है, इसकी जानकारी मांगी थी, बहुत से लोग ऐसे रहे जो कई व्यस्तताओं या अन्य वजहों से प्रूफ नहीं दे पाए. लेकिन ऐसे लोगों को भी घबराने की जरूरत नहीं है. उनके पास अब भी टैक्स बचाने का रास्ता है. 
 

टैक्स रिफंड हासिल कर सकते हैं
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आपके पास अब भी मौका है कि आप 31 मार्च तक आयकर की धारा 80C, 80CCC, 80CCD, 80CCE and 80D जैसे बहुत से प्रावधानों के तहत निवेश कर टैक्सेबल इनकम में कटौती का फायदा उठा सकें. इसके बाद जब आप इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 के लिए 31 जुलाई तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करेंगे तो आप उसमें इन निवेश की जानकारी देकर टैक्स रिफंड हासिल कर सकते हैं. 

कोई भी निवेश 31 मार्च तक कर लें
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आप यदि अब तक इनवेस्टमेंट प्रूफ नहीं दे पाए हैं, तो आपके एम्प्लॉयर के पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है कि वह आपके वेतन में टैक्स काट ले और उसकी जानकारी टीडीएस सेक्शन में दे. लेकिन आप यदि कोई भी निवेश 31 मार्च से पहले कर लेते हैं तो इसकी जानकारी बाद में इस वित्त वर्ष का आईटीआर फाइल करते समय देकर आप टैक्स रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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होम लोन का स्टेटमेंट आदि हासिल करें
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क्या-क्या दस्तावेज चाहिए: अगर आपने इनवेस्टमेंट प्रूफ जमा नहीं किया है तो अब भी आपके पास समय है. आप 31 मार्च तक अपनी टैक्स स्लैब के मुताबिक निवेश कर इनका रिकॉर्ड अपने पास रख लें. जैसे बच्चे की फीस की रसीद, होम लोन का स्टेटमेंट, बीमा प्रीमियम का रिकॉर्ड, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का रिकॉर्ड, अगर आप किराए पर रहते हैं तो रेंट रिसीट, पीपीएफ जमा का रिकॉर्ड, सुकन्या समृद्ध‍ि के तहत जमा का रिकॉर्ड आदि. यह रिकॉर्ड आपको इनकम टैक्स रिटर्न दाख‍िल करते समय देना पड़ेगा. 

जो चाहें वह टैक्स स्लैब चुन सकते हैं
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कौन-सा टैक्स स्लैब: पिछले साल वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों को एक नए टैक्स स्लैब का तोहफा दिया. साथ ही यह विकल्प दिया गया कि लोग जो चाहें वह टैक्स स्लैब चुन सकते हैं. यानी अगर कोई चाहे तो पुराने टैक्स स्लैब में रहे या नया टैक्स स्लैब चुने. आपके एचआर ने पहले ही आपसे यह स्वीकृति ले ली होगी कि आप कौन-सा टैक्स स्लैब चुनेंगे.

परेशान होने की बात नहीं
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लेकिन परेशान होने की बात इसलिए नहीं है कि अगर आपकी सिर्फ नौकरी से ही आय है और कोई अन्य इनकम नहीं है तो आप जब चाहें यानी किसी भी साल टैक्स स्लैब विकल्प में बदलाव को चुन सकते हैं. जानकारों का अनुमान है कि अगर किसी का सालाना पैकेज 13 लाख रुपये से कम है तो उसे पुराने टैक्स स्लैब को चुनना ही फायदेमंद है. (फाइल फोटो: PTI)

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