आईटी फर्म हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नॉलजी का आईपीओ आज ही खुला है और खुलते ही रिटेल निवेशकों के जोरदार रिस्पॉन्स से सुपरहिट हो गया है. कुछ घंटों में ही इश्यू करीब 99 फीसदी तक भर गया. रिटेल निवेश इस आईपीओ में जमकर पैसे लगा रहे हैं.
इससे पहले एंकर्स निवेशकों से भी इस आईपीओ को बंपर रिस्पॉन्स मिला था. रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती 3 घंटे में ही चार गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि रिटेल निवेशक इस आईपीओ को लेकर किस तरह से उत्साहित हैं.
दरअसल, कोरोना संकट की वजह से मार्च महीने से ही आईपीओ का बाजार सूखा पड़ा था. लेकिन अब लगातार कई कंपनियां आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में हैं. इसी कड़ी में आज (7 सितंबर) टेक्नोलॉजी कंपनी Happiest Minds Technologies का आईपीओ ओपन हुआ है.
दरअसल, हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी का आईपीओ में रिटेल निवेशकों को 7 सितंबर से 9 सितंबर तक सब्सक्राइब करने का मौका मिलेगा. ग्रे मार्केट में इस आईपीओ की खूब चर्चा हो रही है.
हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नॉलजी (Happiest Minds Technologies) शेयर के लिए प्राइस बैंड 165-166 रुपये रखा गया है. निवेशकों को कम से कम 90 शेयर के लिए आईपीओ अप्लाई करना होगा. यानी एक लॉट में 90 शेयर होंगे. निवेशक को कम से कम 14,850 रुपये का आईपीओ खरीदना होगा.
इस आईपीओ के जरिये कंपनी ने 702 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. जिसमें 110 करोड़ रुपये का नया इश्यू भी शामिल होगा. इसके अलावा ऑफर फॉर सेल के तहत प्रमोटर की तरफ से 3 करोड़ 56 लाख 63 हजार 585 तक शेयर बेचे जा रहे हैं.
आईटी सर्विस फर्म Happiest Minds ने एंकर्स इंवेस्टर्स के जरिये 316 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है. एंकर्स निवेशक में सिंगापुर सरकार, गोल्डमैन सैक्स, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, नोमुरा फंड्स आयरलैंड, जुपिटर इंडिया और पैसिफिक होराइजन इन्वेस्टमेंट शामिल हैं.
Happiest Minds के प्रमोटर ममिडकैप आईटी फर्म माइंडस्पेस के फाउंडर रह चुके हैं. अशोक सूता 15 साल तक विप्रो के साथ भी जुड़े थे. कंपनी का 97 फीसदी रेवेन्यू डिजिटल विंग से आता है. यह इन्फोसिस, कॉग्निजेंट, माइंडट्री से कहीं ज्यादा है. इन कंपनियों का ऐवरेज कंट्रीब्यूशन 40-50 फीसदी के करीब है.
बिक्री ऑफर से आने से मिलने वाली रकम बिक्री शेयरहोल्डर्स को मिलेगी. जबकि फ्रेश इश्यू की बिक्री से मिली रकम को कंपनी लॉन्ग टर्म के लिए यूज करेगी और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा. कंपनी ने 31 मार्च को समाप्त वर्ष में 71.70 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 17.36 करोड़ रुपये का था.