पूंजी के संकट के दौर से गुजर रहे निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक के लिए कल यानी 15 अक्टूबर का दिन काफी अहम है. दरअसल, 15 अक्टूबर को बैंक के बोर्ड की बैठक में राइट्स इश्यू पेश करने के प्रस्ताव पर विचार होगा.
आपको बता दें कि राइट्स इश्यू में कंपनी अपने शेयरधारकों को नए शेयर खरीदने का मौका देती है. राइट्स इश्यू के तहत शेयरधारकों के पास सिर्फ निश्चित अनुपात में ही अतिरिक्त शेयर खरीदने का विकल्प रहता है. यह अनुपात कंपनी ही तय करती है.
दरअसल, आर्थिक संकट से जूझ रहे लक्ष्मी विलास बैंक पूंजी जुटाने के प्रयास में है. यही वजह है कि तरह-तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं. बीते दिनों ही बैंक ने बताया था कि उसे अधिग्रहण के लिए एनबीएफसी क्लिक्स ग्रुप से प्रस्ताव मिला है.
हाल ही में लक्ष्मी विलास बैंक तब सुर्खियों में आया था जब उसके शेयरधारकों ने 25 सितंबर को मतदान कर निदेशक मंडल से सात निदेशकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इसमें बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. सुंदर और प्रवर्तक के. आर. प्रदीप एवं एन. साइप्रसाद शामिल हैं.
इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के परिचालन के लिए तीन लोगों की टीम गठित की थी. केंद्रीय बैंक ने मीता माखन को चेयरपर्सन और शक्ति सिन्हा एवं सतीश कुमार कालरा को सदस्य बनाया था.