मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के IPO को लेकर रिटेल निवेशकों में किस तरह का उत्साह है, ये पहले दिन के सब्सक्रिप्शन के आंकड़े को देखकर पता लग रहा है. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. कंपनी का इश्यू पहले दिन ही 108 फीसदी सब्सक्राइब हो गया है. यानी पहले ही दिन यह इश्यू रिटेल सेगमेंट में भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका है.
मझगांव डॉक के IPO का प्राइस बैंड 135-145 प्रति शेयर तय किया गया है. IPO के तहत 3,05,99,017 शेयरों की बिक्री होगी. इस IPO का लॉट साइज 103 शेयरों का है. रिटेल निवेशक 1 अक्टूबर तक IPO के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
कंपनी की IPO के जरिये 444 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है. यस सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, एडलवाइस फाइनेंशियल, आईडीएफसी सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल IPO का प्रबंधन करेंगी. मझगांव डॉक सरकारी क्षेत्र की शिपयार्ड कंपनी है. ये नौ-सेना और कोस्टगार्ड के लिए जंगी जहाज और पनडुब्बी बनाने का काम करती है.
आईपीओ आने के बाद मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स कंपनी के शेयर ट्रेडिंग के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग हो जाएगी. मझगांव डॉक एक सरकारी क्षेत्र की शिपयार्ड कंपनी है. ये नौ-सेना और कोस्टगार्ड के लिए जंगी जहाज और पनडुब्बी बनाने का काम करती है.
कंपनी जहाज और पनडुब्बी की मरम्मत का काम भी करती है. यह कंपनी जंगी जहाज के नए डिजाइन भी तैयार करती है. सबसे खास बात यह है कि इस कंपनी को साल 2006 में 'मिनीरत्न' का दर्जा प्राप्त हुआ है. इसका मुख्यालय मुंबई में है, इस कंपनी की नींव 1934 में रखी गई थी.
वित्तीय सेहत कैसी है?
यह भारतीय नौसेना के लिए विध्वंसक और पारंपरिक पनडुब्बी बनाने वाला एकमात्र शिपयार्ड है. एमडीएल की आर्डर बुक 54,074 करोड़ रुपये की है और यह देश में कोरवेट्स (छोटे युद्धपोतों) का निर्माण करने पहला शिपयार्ड है. आगे कंपनी के कारोबार में विस्तार की व्यापक संभावना है. कंपनी की क्षमता 40,000 DWT की है.