शेयर बाजार आज बुलंदी पर है. निवेशकों का बाजार पर भरोसा कायम है. उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहने वाला है. लेकिन आज से ठीक एक साल पहले का वो मंजर सबको याद है. शेयर बाजार से जुड़े लोग 23 मार्च 2020 का वो दिन कभी नहीं भूल पाएंगे. (Photo: File)
दरअसल, पिछले एक साल में शेयर बाजार की चाल एकतरफा रही है. लेकिन कोरोना की आहट से 23 मार्च 2020 को आर्थिक मोर्चे पर सबसे तेज झटका लगा था. कोरोना के खौफ से 23 मार्च को शेयर बाजार बिखर गया था. ऐसा बिखरा कि निवेशकों में हाहाकार मच गया था. शेयर बाजार ने निवेशकों को एक तरह से उस दिन कंगाल कर दिया. (Photo: File)
भारतीय शेयर बाजार में 23 मार्च को भूचाल आ गया था. 23 मार्च की सुबह 10 बजे लोअर सर्किट लगने से पहले ही बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10,29,847 करोड़ रुपये घटकर 1,05,79,296 करोड़ रुपये रह गया था. यानी कारोबार के शुरुआती एक घंटे में ही निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब चुके थे. (Photo: File)
23 मार्च 2020 को भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स 25,981.24 पर बंद हुआ था, और इसी तरह निफ्टी 7,610.25 पर बंद हुआ था. जहां से अब तक निफ्टी में 100 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई है. किसी को उम्मीद नहीं थी कि बाजार में इतनी जल्दी रौनक लौटेगी. (Photo: File)
शेयर बाजार ने 23 मार्च के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है. जहां पिछले साल 23 मार्च को सेंसेक्स 25,981.24 पर था, वहीं अब 22 मार्च 2021 को सेंसेक्स 49,770 के स्तर पर बंद हुआ. अगर निफ्टी की बात करें तो 23 मार्च 2020 को 7,610.25 पर बंद हुआ था, वहीं 22 मार्च 2021 को 14,736 पर बंद हुआ. (Photo: File)
यही नहीं, पिछले महीने यानी फरवरी 2021 में सेंसेक्स 52000 हजार को पार कर गया था, जबकि निफ्टी 15400 के ऊपर पहुंच गया था. हालांकि कोरोना की दूसरी लहर की आहट से बाजार में थोड़ा दबाव बढ़ा है. लेकिन हर किसी को एक साल पहले की वो भारी गिरावट याद है. निवेशकों को संभलने का मौका नहीं मिला था. (Photo: File)