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यूटिलिटी

Paytm के IPO में निवेश का है प्लान? तो ये 5 बातें जरूर रखें ध्यान

Paytm का IPO
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डिजिटल पेमेंट सर्विस कंपनी Paytm का IPO इस साल के आखिर तक बाजार में दस्तक दे सकता है. ऐसे में अगर आप कंपनी के आईपीओ में निवेश का मन बना चुके हैं तो ये 5 बातें जानना बेहद जरूरी है.

कई छोटे बैंकों से ज्यादा वैल्यूएशन
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Paytm की मालिक कंपनी One97 Communications एक 11 साल पुरानी फिनटेक कंपनी है. बाजार में इसका वैल्यूएशन पहले ही 24 अरब डॉलर (लगभग 1,790 अरब रुपये) हो चुका है. इस तरह वैल्यू Paytm को कई मिड-साइज बैंक जैसे कि इंडसइंड बैंक, आरबीएल बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से बड़ा बनाती है.

Paytm का सबसे ऊपर पेमेंट बिजनेस
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विजय शेखर शर्मा ने Paytm ब्रांड के साथ वन97 कम्युनिकेशंस को खड़ा किया है. इसके सफल पेमेंट बिजनेस के चलते ये देश की टॉप फिनटेक कंपनियो में से एक है और इसका कंज्यूमर एंड मर्चेंट बेस अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स जैसे कि लोन, इंवेस्टमेंट, इंश्योरेंस की सेलिंग के लिए एक बेहतर और बड़ा प्लेटफॉर्म बनाता है.

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Paytm की बैलेंसशीट कई फिनटेक से बड़ी
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Paytm की बैलेंस शीट अभी 9,479 करोड़ रुपये की है. ये कई बड़ी फिनटेक स्टार्ट-अप कंपनियों से ज्यादा है. हालांकि इसका बैंकों के साथ कंपेरिजन नहीं हो सकता क्योंकि कंपनी डायरेक्ट लोन देने का बिजनेस नहीं करती है. इसका लोन बिजनेस वह कई अन्य NBFC के साथ टाई-अप करके चलाती है.

अब भी घाटे में है Paytm
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Paytm की वैल्यूएशन भले अरबों रुपये में हो. लेकिन कंपनी अभी भी लगातार घाटे में बनी हुई है. 2020-21 में कंपनी का घाटा 1,701 करोड़ रुपये रहा है, हालांकि ये 2019-20 के मुकाबले घटा है. 2019-20 में कंपनी का घाटा 2,942 करोड़ रुपये था. 
 

फाइनेंशियल सुपरमार्केट है Paytm
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Paytm का बिजनेस मॉडल अन्य कंपनी से अलग है. कंपनी ने आम फिनटेक कंपनियों की तरह लोन, पेमेंट और इंवेस्टमेंट जैसे सेगमेंट पर फोकस नहीं किया है, बल्कि उसने खुद को फाइनेंशियल सर्विसेस के सुपरमार्केट की तरह डेवलप किया है. हालांकि इस सेगमेंट में ज्यादा ऑफरिंग के साथ ICICI, HDFC, Kotak और SBI जैसे बड़े और पुराने प्लेयर भी मौजूद हैं.

विजय शेखर नहीं होंगे प्रमोटर
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Paytm के पीछे का पूरा दिमाग और उसे इस मुकाम तक लाने का काम विजय शेखर शर्मा ने किया है. लेकिन अब वो Paytm के प्रमोटर के तौर पर नहीं पहचाने जाएंगे. SEBI के नए नियम के मुताबिक किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर के पास आईपीओ लाने के बाद पूंजी का कम से कम 20% होना चाहिए. जबकि अभी शर्मा के पास कंपनी की 14.8% हिस्सेदारी है. (All Photos : File / India Today)

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