अगर आप फेस्टिव सीजन के दौरान पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो फिर कुछ बातों का जरूर ख्याल रखें. क्योंकि अक्सर बैंककर्मी पर्सनल लोन से जुड़ी सभी बातें खुलकर नहीं बताते हैं. लेकिन जब आप एक-एक कर सबके बारे में पूछेंगे तो फिर वो आपको जानकारी देंगे.
अधिकतर लोग पर्सनल लोन लेते वक्त बैंक कर्मचारी से सभी तरह के शुल्क और ब्याज दर के बारे में खुलकर नहीं पूछते हैं. जिसकी वजह से बाद में उन्हें पछताना पड़ता है. क्योंकि कुछ ऐसी बातें होती हैं जो बैंककर्मी लोन देने के पहले ग्राहकों को खुद से नहीं बताते हैं.
अगर ग्राहक का क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो फिर वो बैंक से प्रोसेसिंग फीस और ब्याज पर मोलभाव करके छूट ले सकते हैं. आमतौर पर बैंक बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कस्टमर की प्रोसेसिंग फीस माफ करने के अलावा ब्याज भी कम कर देते हैं. इसलिए बैंक से पर्सनल लोन का ऑफर मिलते ही तुरंत हां नहीं करना चाहिए, बल्कि ऑफर के बारे में जानकारी लेनी चाहिए.
पर्सनल लोन के लिए ऑफर मिलने पर बैंककर्मी से पूछना चाहिए कि यह किस तरह का ऑफर है, इस ऑफर के तहत पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग फीस देनी होगी या नहीं? बैंककर्मी या फिर एजेंट से इन सवालों के सही जवाब मिलने पर ही लोन की अप्लीकेशन को आगे बढ़ाना चाहिए. क्योंकि कुछ बैंक अपनी लोन राशि में कुछ हिडेन चार्ज और प्रोसेसिंग फीस को शामिल कर लेते हैं, जिन्हें लोन देते वक्त बैंककर्मी या एजेंट बताने से बचते हैं.
पर्सनल लोन लेते वक्त एक और अहम बात होती है, बैंक से यह भी पूछना चाहिए कि अगर आप कर्ज नहीं चुका पाते हैं तो फिर किस हिसाब से पेनल्टी लगेगी. इसके अलावा अगर लगातार दो ईएमआई का भुगतान नहीं कर पाते हैं तो फिर आगे क्या होगा?
इसके अलावा पर्सनल लोन लेने से पहले कुछ बैंकों से जानकारी जुटा लें, जिसमें सिर्फ ब्याज दर या EMI अहम नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्जेस और प्री-क्लोजर के चार्जेस के बारे में भी जानकारी लेना काफी जरूरी होता है.