Paytm और Mobikwik के बाद एक और फिनटेक कंपनी Policybazaar अपना IPO लेकर आने वाली है. कंपनी ने IPO लाने के लिए जरूरी दस्तावेज Sebi के पास जमा करा दिए हैं. अगर आप कंपनी के आईपीओ में निवेश का प्लान कर रहे हैं तो ये 5 बातें जरूर ध्यान रखें...
Sebi के पास जमा कराए गए दस्तावेजों के हिसाब से Policybazaar का IPO लगभग 6,000 करोड़ रुपये का होगा. इसमें कंपनी के मौजूदा शेयर धारक अपने शेयर Offer For Sale के लिए रखेंगे, वहीं नए शेयर भी जारी किए जाने हैं. (Photo : Getty)
Policybazaar पर मालिकाना हक विदेशी कंपनियों का है. वहीं कंपनी का नियंत्रण भी विदेशी कंपनियों के हाथों में है. Policybazaar के फाउंडर याशीष दहिया (Yashish Dahiya) के पास कंपनी में सिर्फ 4.27% हिस्सेदारी है. (Photo : Getty)
Policybazaar में Makesense Technologies (Info Edge) की हिस्सेदारी 14.56% है, वहीं इसमें Softbank, Temasek, Tiger Global, True North, Steadview Capital. Rabbit Capital जैसी अन्य कंपनियों का निवेश है. याशीष दहिया की हिस्सेदारी Sebi के नियम के हिसाब से प्रमोटर की हिस्सेदारी से काफी कम है, इसलिए जब कंपनी लिस्ट होगी तो वो उसके प्रमोटर नहीं होंगे. (Photo : Getty)
Policybazaar लंबे समय से नुकसान में चलने वाली फिनटेक है. इसकी हालत भी Paytm और Mobikwik जैसी है. बाजार को इन फिनटेक स्टार्टअप कंपनियों के मॉडल के आधार पर प्रॉफिट को देखना बाकी है. हालांकि इन कंपनियों के पास डेटा का भंडार है. Policybazaar की 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट के हिसाब उसने हर एक रुपये की कमाई के बदले मार्केटिंग पर औसत 3.33 रुपये खर्च किए जो उसके घाटे की बड़ी वजह है. (File Photo)
बीते महीने इंश्योरेंस सेक्टर के रेग्युलेटर ने Policybazaar को जीवन बीमा और साधारण बीमा क्षेत्र के ‘Direct Insurance Broker’ के तौर पर मान्यता दे दी. इससे कंपनी का स्टेटस अपग्रेड हुआ है और अब वो सिर्फ इंश्योरेंस एग्रीगेटर नहीं रही है. (File Photo)
Policybazaar के रिवेन्यू में 4 बड़े पार्टनर की हिस्सेदारी 32% से अधिक है. वहीं बड़ी इंश्योरेंस कंपनियां अपनी खुद की डिजिटल प्रेजेंस को बढ़ा रही है. कई कंपनियों ने तो अपने पॉलिसी बेचने से लेकर क्लेम सेटलमेंट तक की पूरी प्रोसेस को डिजिटल कर दिया, इसका Policybazaar के फ्यूचर क्या असर पड़ेगा ये देखना होगा. (File Photo)
Policybazaar की प्लानिंग 2023-24 के अंत तक अपने 200 रिटेल आउटलेट खोलने की है. ये आउटलेट कस्टमर एक्सपीरिएंस सेक्टर के तौर पर काम करेंगे, जहां उन्हें एक ही जगह पर कई अलग-अलग कंपनियों के इंश्योरेंस के बारे में जानकारी मिल सकेगी. इसे एक तरह से Insurance Super Market के तौर पर देखा जा सकता है. (File Photo)
Policybazaar की योजना अपने इंडिया के बिजनेस मॉडल को खाड़ी देशों में भी आजमाने की है. विदेशों में अपने प्रसार के लिए कंपनी ने IPO में अलग से 375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया हुआ है.
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