प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देश के युवाओं को अपना खुद का कारोबार शुरू करने के लिए बिना गारंटी के बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जाता है. इस योजना की शुरुआत आज से ठीक 6 साल पहले 8 अप्रैल 2015 को हुई थी. (Photo: File)
मुद्रा योजना में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. शिशु मुद्रा लोन (50,000 रुपये तक), किशोर मुद्रा लोन (50,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक) और तरुण मुद्रा लोन (5,00,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक) में दिया जाता है. (Photo: File)
वित्त मंत्रालय के मुताबिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत पिछले 6 वर्षों में 28.68 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 14.96 लाख करोड़ रुपये दिए हैं. इस योजना को छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया था. (Photo: File)
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नए उद्यमियों से लेकर कड़ी मेहनत करने वाले किसानों तक सभी के वित्तीय जरूरतों को पूरा किया गया है. इसके लिए एक महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) है, जिसने सपनों को साकार करने का काम किया है. (Photo: File)
बयान में कहा गया कि 2020-21 में 4.20 करोड़ PMMY कर्ज मंजूर किए गए और 19 मार्च 2021 तक 2020-21 के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं. कर्ज का औसत आकार लगभग 52,000 रुपये है. (Photo: File)
मुद्रा योजना के तहत करीब 88 फीसदी शिशु लोन दिए गए हैं. करीब 24 प्रतिशत ऋण नए उद्यमियों को दिए गए हैं. लगभग 68 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को दिये गए हैं. करीब 51 प्रतिशत ऋण अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़े वर्गों को दिये गए हैं. लगभग 11 प्रतिशत ऋण अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों को दिए गए हैं. (Photo: File)