कोरोना से इलाज के लिए देश के सरकारी बैंकों ने कम ब्याज दरों पर 5 लाख रुपये तक पर्सनल लोन देने का फैसला किया है. बैंकों ने इसे Covid Personal Loan नाम दिया है. बड़ी बात यह है कि बिना किसी सिक्योरिटी के यह कर्ज मिलेगा, ताकि लोग अपना या परिवार में कोरोना पीड़िता का इलाज करवा सकें. (Photo: Getty Images)
दरअसल, देश के बैंकों ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है, जब कोरोना महामारी की दूसरी लहर देश में हर आय वर्ग के लोगों पर कहर बनकर टूटी है. फिलहाल देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने इसकी शुरुआत की है, लेकिन धीरे-धीरे बाकी सरकारी बैंक भी इस पहल से जुड़ेंगे. (Photo: Getty Images)
इंडियन बैंक एसोसिएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक वेतनभोगी, गैरवेतन भोगी और पेंशनर कोविड-19 से इलाज के लिए 25,000 रुपये से लेकर 5 लाख तक का पर्सनल लोन ले सकेंगे. इस कर्ज को चुकाने के लिए 5 साल का वक्त मिलेगा. एसबीआई के इस लोन पर 8.5 फीसदी सालाना ब्याज लगेगा. यानी पर्सनल लोन के मुकाबले बैंक ने कम ब्याज लगाने का फैसला किया है. (Photo: Getty Images)
दूसरे बैंकों ने अभी अपनी ब्याज दर की घोषणा नहीं की है. यह कोरोना स्पेशल पर्सनल लोन का इस्तेमाल इंडिविजुअल अपने या परिवार के कोरोना ट्रीटमेंट के लिए कर पाएंगे. इस बाबत एसबीआई प्रमुख दिनेश खारा और इंडियन बैंक एसोसिएशन के चेयरमैन राज किरण राय के बीच रविवार को एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया.
कोविड पर्सनल लोन को पब्लिक सेक्टर बैंकों के बोर्ड से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. यह लोन सैलरीड और नॉन-सैलरीड दोनों इंडिविजुअल्स के लिए उपलब्ध होगा. ऐसे में अगर आप कोरोना संकट से जूझ रहे हैं तो फिर ये सस्ते लोन लेकर इलाज करा सकते हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पब्लिक सेक्टर बैंकों को लगातार ऐसे लोन बांटने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
अस्पतालों को 2 करोड़ तक सस्ता लोन
इसके अलावा पब्लिक सेक्टर बैंकों द्वारा हेल्थकेयर बिजनेस लोन की भी घोषणा की गई है. लोन की राशि अधिकतम दो करोड़ रुपये तक होगी. यह लोन अस्पताल और नर्सिंग होम की तरफ से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए लिया जा सकता है. यह लोन ECGLS स्कीम के तहत बांटा जाएगा जिसके लिए इंट्रेस्ट रेट 7.5 फीसदी होगा.
100 करोड़ का बिजनेस लोन
देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बैंकों ने बिजनेस लोन की भी पेशकश की है. इसके तहत मेट्रो शहरों की फर्मों को हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना/विस्तार, वैक्सीन और वेंटिलेटर जैसे हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये तक लोन दिए जाएंगे.
गौरतलब है कि बैंकों की यह घोषणा तीन नए कर्ज कार्यक्रमों का हिस्सा है, जो वैक्सीन निर्माताओं, अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, ऑक्सीजन के निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं, वेंटिलेटर, टीका खरीदने वालों और कोविड की दवाओं, लॉजिस्टिक्स फर्मों और इससे पीड़ित व्यक्तियों को नए कर्ज मदद देने के लिए हैं. (Photo: Getty Images)