भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में कई अहम बातें कही गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2021 में खत्म हो रहे वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ -7% रह सकती है. इससे पहले एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में 2020-21 के दौरान जीडीपी में 7.4 प्रतिशत संकुचन का अनुमान लगाया गया था. (Photo: File)
एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी और चौथी तिमाही में जीडीपी बढ़ोतरी के बाजवूद चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था 7 फीसदी संकुचित हो सकती है. जीडीपी की तीसरी तिमाही के नतीजे इसी महीने आने वाले हैं. जिसमें अच्छी खबर आने का अनुमान लगाया जा रहा है. (Photo: File)
एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष का कहना है कि 41 महत्वपूर्ण सूचकांकों में 51 फीसदी तेजी दर्शा रहे हैं, जिससे मौजूदा वित्त-वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. यानी तीसरी तिमाही में ही जीडीपी को पॉजिटिव दायरे में आने का अनुमान है. साथ ही चौथी तिमाही में वृद्धि सकारात्मक दिशा में लगभग 2.5 फीसदी हो सकती है. (Photo: File)
एसबीआई रिसर्च ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में आर्थिक वृद्धि 11 फीसदी रहने के अपने अनुमान को बरकार रखा है. आर्थिक समीक्षा में भी अगले साल की जीडीपी ग्रोथ 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. जबकि भारतीय रिजर्व बैंक 10.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. (Photo: File)
गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से अप्रैल-सितंबर के दौरान अर्थव्यवस्था में 15.7 प्रतिशत संकुचन हुआ, लेकिन अगर एसबीआई का विश्लेषण सही साबित हुआ तो दूसरी छमाही में जीडीपी 2.8 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है. (Photo: File)
बता दें कोरोना संकट की वजह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमारी में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला था. पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि दूसरी तिमाही में 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी. इससे पहले वित्त-वर्ष 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ 4 फीसदी रही थी. (Photo: File)