मलेशियाई एयरलाइंस कंपनी एयर एशिया इंडिया पर पहले से ही टाटा ग्रुप का मालिकाना हक है. लेकिन अब कंपनी में टाटा संस की हिस्सेदारी बढ़कर 83.67% हो गई है. अभी टाटा और एयर एशिया के बीच ज्वाइंट वेंचर है.
एयर एशिया मलेशियाई कंपनी है, जो भारतीय बिजनेस से निकलना चाहती है, और अब उसने 32.67 हिस्सेदारी टाटा संस को बेच दी है, जिसकी कीमत 37.66 मिलियन डॉलर यानी 276.10 करोड़ रुपये है. इस तरह से एयर एशिया में टाटा संस की हिस्स्दारी 51 फीसदी से बढ़कर 83.67 फीसदी हो गई है.
इस डील के बाद अब एयर एशिया इंडिया में एयर एशिया बेरहाद की हिस्सेदारी केवल 16.33% रह गई है. इस डील के बारे में कंपनी ने मलेशियाई स्टॉक एक्सचेंज को एक फाइलिंग में जानकारी दी. बाकी हिस्सेदारी से भी कंपनी की बाहर निकलने की योजना है.
बता दें कि हिस्सेदारी बेचने से पहले एयर एशिया इंडिया में AirAsia Berhad की हिस्सेदारी 49 फीसदी थी और इसमें टाटा संस का हिस्सा 51 फीसदी था. एयर एशिया Berhad अपनी बची हुई 16.33 फीसदी की हिस्सेदारी बेचने के लिए दो चरणों में पुट ऑप्शन लाएगी. एयर एशिया बेरहाद को अपने बचे हुए 16.33% स्टेक से 18.83 मिलियन डॉलर यानी 138.27 करोड़ रुपये हासिल होंगे.
एयर एशिया के कारोबार पर नजर डालें तो जून तिमाही में कंपनी को 332 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. घाटे की वजह से एयर एशिया बेरहाद ने भारत में अपना कारोबार बंद करने का फैसला लिया. पिछले करीब 6 वर्षों से कंपनी को कोई मुनाफा नहीं हुआ है. एयर एशिया के पास फिलहाल 2,500 कर्मचारी हैं, जिसमें से 600 पायलट हैं.