कहते हैं कि ‘दूध का जला, छाछ भी फूंककर पीता है.’ शेयर बाजार में निवेश करने वाले अक्सर ये कहावत इस्तेमाल करते हैं. अगर शेयर बाजार में एक बार किसी का नुकसान हो जाए तो वो खुद तो शेयर बाजार में निवेश करने से बचता ही है. कई और संभावित निवेशकों को भी शेयर बाजार, यहां तक कि म्यूचुअल फंड में भी निवेश करने से रोकता है. ऐसे में निवेश का एक अच्छा विकल्प इन संभावित निवेशकों की पहुंच से दूर हो जाता है. लेकिन अब एक स्टार्टअप ने ऐसा तरीका निकाला है जो आपको पैसे का नुकसान हुए बगैर शेयर बाजार में ट्रेडिंग का गुरु बनाएगा. जानें इसके बारे में...
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शेयर बाजार के नौसिखियों के लिए Neostox नाम के इस स्टार्टअप ने नायाब तरीका ढूंढा है. जैसे पायलट को ट्रेनिंग या ड्राइविंग स्कूल में ड्राइविंग सिखाने के लिए सिम्यूलेटर पर प्रशिक्षण दिया जाता है. वैसा ही एक सिम्यूलेशन प्लेटफॉर्म Neostox ने तैयार किया है. ये प्लेटफॉर्म नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के रीयल-टाइम फीड पर काम करता है और आपको शेयर ट्रेडिंग के जरूरी गुर सिखाता है. कैसे काम करता है ये...
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शेयर बाजार में निवेश के दौरान हमारा सबसे बड़ा डर पैसा डूबने को लेकर होता है. Neostox ने अपने प्लेटफॉर्म पर इसी का तोड़ निकाला है वर्चुअल मनी के तौर पर, जैसे ही ग्राहक इस पर साइन-इन करता है, उसके अकाउंट में तत्काल 10 लाख रुपये का वर्चुअल कैश आ जाता है. इसे 1 करोड़ रुपये तक टॉप-अप किया जा सकता है. इसी वर्चुअल मनी की मदद से कोई ग्राहक इस सिम्यूलेशन प्लेटफॉर्म पर शेयर ट्रेडिंग कर सकता है. कैसे ट्रेडिंग होती है इस प्लेटफॉर्म पर...
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Neostox के प्लेटफॉर्म पर आपको असली शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने जैसा अनुभव मिलेगा. कंपनी के को-फाउंडर में से एक राजेश दुआ का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म पर NSE की रियल ट्रेडिंग को रियल-टाइम ट्रेडिंग में बदल दिया गया है. प्लेटफॉर्म पर निवेशक शेयरों के ऊपर-नीचे जाते भाव, उनकी खरीद-बिक्री करना, ऑर्डर देना, ऑर्डर की लिमिट तय करना, डिलिवरी ऑप्शन या इंट्रा-डे ट्रांजैक्शन में से चुनना इत्यादि काम पैसा डूबने के डर के बिना सीख सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर क्या कोई चार्जेस भी लगते हैं...
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राजेश दुआ का कहना है कि Neostox पर ट्रेडिंग को वास्तविक अनुभव बनाने के लिए इसका डिजाइन ऐसे किया गया है जैसे किसी आम ब्रोकरेज फर्म का होता है. इसके अलावा शेयर बाजार में निवेश से जुड़े क्या खर्च हैं इसका अनुभव कराने के लिए Neostox ब्रोकरेज चार्जेस, एक्सचेंज फीस और टैक्स इत्यादि की वसूली करती है. हालांकि ये सारे चार्जेस भी वर्चुअल मनी से भरने होते हैं. कैसे आया इसका आइडिया...
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Neostox के स्टार्ट-अप बनने की कहानी भी दिलचस्प है. राजेश दुआ बताते हैं कि Neostox के Version 1.0 प्लेटफॉर्म को तैयार करने में 3 साल लगे और उसके बाद इसे पिछले साल लॉन्च किया गया. अब कंपनी इसका Version 2.0 लेकर आ रही है. उन्होंने अपने 2 और दोस्तों के साथ मिलकर इसे तैयार किया. इसका आइडिया उन्हें तब आया जब वो खुद शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में सोच रहे थे और इसके लिए कोई सिम्यूलेशन प्लेटफॉर्म ढूंढ रहे थे. लेकिन उन्हें ऐसा कोई प्लेटफॉर्म मिला ही नहीं..
कंपनी का कहना है कि भारत में करोड़ों लोग हैं जो शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं. लेकिन पैसा डूबने के डर से वो इसमें निवेश से बचते हैं. Neostox ऐसे लोगों की मदद करेगा और उसके इस प्लेटफॉर्म पर अनुभव प्राप्त करने के बाद वो चाहें तो असली पैसों से शेयर बाजार में असली ट्रेडिंग कर सकते हैं.
www.businesstoday.in से इनपुट पर आधारित
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