डिजिटल पेमेंट के इस दौर में क्रेडिट कार्ड की मदद से हर जरूरतें पूरी हो जाती हैं. इसलिए लोग अपने पास कई बैंकों के क्रेडिट कार्ड रखते हैं. लेकिन अगर कुछ बातों का ख्याल न रखें तो फिर क्रेडिट कार्ड के कई बड़े नुकसान हैं. हालांकि क्रेडिट कार्ड के सही से इस्तेमाल के कई फायदे हैं. (Photo: Getty)
आइए जानते हैं क्रेडिट कार्ड के नुकसान क्या-क्या है? सबसे पहले जान लें कि जब आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो फिर उसके भुगतान के लिए एक अंतिम तारीख होती है. लगभग सभी बैंक पेमेंट के लिए करीब 50 दिन के वक्त देते हैं. उदाहरण के लिए अगर 20 मई को बिल जेनरेट होता है तो फिर पेमेंट के लिए 30 जून तक का वक्त मिल जाता है.
लेकिन पेमेंट में एक दिन की भी लापरवाही पर भारी कीमत चुकानी पड़ती है, क्योंकि बैंक लेट पेमेंट चार्ज के साथ हर दिन के हिसाब से ब्याज जोड़कर वसूलता है. उदाहरण के तौर पर अगर पेमेंट की आखिरी तारीख 20 मई थी और उपभोक्ता 25 मई को पेमेंट करता है, तो बैंक लेट पेमेंट चार्ज के साथ हर दिन का ब्याज जोड़ता है, जो कि बहुत बड़ी रकम बन जाती है.
हालांकि सभी बैंक के क्रेडिट कार्ड पर अलग-अलग लेट पेमेंट चार्ज लगाते हैं. यही नहीं, हर दिन का ब्याज भी अलग-अलग रेट से वसूला जाता है. इस बाबत बैंक कभी भी उपभोक्ता को सही से जानकारी नहीं देता है. बहुत लोग तय वक्त पर क्रेडिट का पेमेंट नहीं करते हैं और यही बैंक की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन जाता है.
कुछ बैंक लेट पेमेंट पर बहुत ज्यादा चार्ज वसूलता है. अगर भुगतान की आखिरी तारीख के 60 दिन बाद तक भी पेमेंट नहीं होने पर क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई मूल रकम ब्याज समेत दोगुनी हो जाती है. अधिकतम बैंक क्रेडिट कार्ड के लेट पेमेंट पर 30 से 50 फीसदी तक सालाना ब्याज वसूलता है.
इसके अलावा एक और बेहद अहम जानकारी ये है कि अगर आप पूरे क्रेडिट कार्ड बिल में से मिनिमम ड्यूज अमाउंट भी जमा नहीं कराते हैं तो बैंक इस पर लेट पेमेंट चार्ज करता है, जो अधिकतम 1300 रुपये तक होता है. यही नहीं, मिनिमम अमाउंट पेमेंट नहीं करने पर क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर) पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे भविष्य में लोन लेने में दिक्कतें हो सकती हैं.
भारी जुर्माने से ऐसे बचें
क्रेडिट कार्ड कंपनियां हर महीने बिल जेनेरेट करती है. जिसमें भुगतान की अंतिम तारीख का जिक्र होता है. ऐसे में उपभोक्ता ही कोशिश होनी चाहिए कि बिल का भुगतान समय पर कर दें. अगर किसी वजह से पूरे बिल का भुगतान करने में दिक्कतें आ रही हैं तो हर हाल में न्यूनतम राशि का भुगतान कर देना चाहिए. इससे भारी जुर्माने से बचा जा सकता है. हालांकि मिनिमम पेमेंट के बाद भी कंपनी बाकी रकम में ब्याज जोड़कर वसूलती है. (Photo: File)