scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

नौकरीपेशा लोगों को पेंशन पर छूट की मांग, बजट में सरकार ले सकती है फैसला

बजट से पहले मांग
  • 1/7

नए साल के आम बजट को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इस बार के बजट में सरकार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को लेकर एक अहम फैसला ले सकती है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
 

एनपीएस से जुड़ी है मांग
  • 2/7

एनपीएस से जुड़ी है मांग
दरअसल, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत नियोक्ताओं के 14 प्रतिशत के योगदान को सभी श्रेणियों के अंशधारकों के लिए टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव है. इस प्रस्ताव को पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) का भी समर्थन मिला है. 
 

पीएफआरडीए का समर्थन
  • 3/7

पीएफआरडीए का समर्थन
पीएफआरडीए ने इस प्रस्ताव को सरकार के समक्ष रखने का फैसला किया है. आपको बता दें कि एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन में नियोक्ताओं के 14 प्रतिशत के योगदान को एक अप्रैल, 2019 से टैक्स फ्री किया गया है.
 

Advertisement
कई राज्य सरकारों ने पत्र लिखा
  • 4/7

कई राज्य सरकारों ने पत्र लिखा
पीएफआरडीए के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने बताया कि कई राज्य सरकारों ने इस बारे में हमें पत्र लिखा है. हम इसे गंभीरता से लेते हैं और सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे.
 

1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया गया था
  • 5/7

1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया गया था
बता दें कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस सरकार की रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है. इस योजना को सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया गया था. 
 

2009 के बाद निजी क्षेत्र के लिए भी 
  • 6/7

2009 के बाद निजी क्षेत्र के लिए भी 
इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना जरूरी है. साल 2009 के बाद से इस योजना को निजी क्षेत्र के लिए भी खोल दिया गया.
 

दो तरह के टियर हैं 
  • 7/7

दो तरह के टियर हैं 
इस योजना में दो तरह के टियर-1 और टियर-2 अकाउंट होते हैं. टियर-1 अकाउंट को खुलवाना अनिवार्य है. इस अकाउंट में जो भी रकम जमा कर रहे हैं, उसे वक्त से पहले यानी रिटायरमेंट तक नहीं निकाल सकते. कोई भी टियर-1 अकाउंट होल्डर इस अकाउंट को खोल सकता है और अपनी इच्छा से इसमें पैसा जमा या निकासी कर सकता है. यह अकाउंट सभी के लिए अनिवार्य नहीं है.

Advertisement
Advertisement