कोरोना काल में लोग फंड जुटाने के लिए तरह-तरह के विकल्प देख रहे हैं. ऐसे में आपको यह जानकर काफी राहत मिल सकती है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी पॉलिसी के बदले लोन मिल सकता है. यही नहीं, यह लोन आसानी से और कम ब्याज दर पर मिलता है. (फाइल फोटो: Getty Images)
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी बीमा योजनाओं के बदले पर्सनल लोन (Personal Loan) देता है. यह लोन यात्रा, उच्च शिक्षा, मेडिकल इमरजेंसी, शादी, घर की मरम्मत आदि जैसे खर्चों के लिए लिया जा सकता है. पॉलिसी के बदले यह एक सुरक्षित लोन है जहां आपकी बीमा पॉलिसी को सिक्योरिटी के रूप में रखा जाता है यदि आवेदक लोन वापस करने में असमर्थ है, तो LIC बीमा पॉलिसी के मैच्योरिटी या क्लेम राशि से इसकी भरपाई कर सकता है.
आप एलआईस की ई-सर्विसेज के द्वारा यह पता कर सकते हैं कि आप कितने लोन के हकदार हैं. यह सुरक्षित लोन होता है, क्योंकि इसमें आपके पॉलिसी डॉक्यूमेंट को जमानत के रूप में रख लिया जाता है. अगर कर्ज लेने वाला लोन चुकाने में नाकाम रहता है तो एलआईसी उसके मैच्योरिटी या क्लेम राशि से इसका पैसा काट लेता है. (फाइल फोटो)
लोन की न्यूनतम अवधि 6 महीने होती है, लेकिन इसे पूरे मैच्योरिटी पीरियड तक भी चुकाया जा सकता है. यही नहीं एलआईसी यह भी सुविधा देता है कि आप सिर्फ ब्याज का भुगतान करते रहें और मूलधन राशि को मैच्योरिटी राशि में से बाद में कटवा लें. यह एंडोमेंट प्लान, इनकम प्लान और यूनिट लिंक्ड प्लान पर ही मिलता है जिनकी सरेंडर वैल्यू होती है. यह टर्म प्लान पर नहीं मिलता. उदाहरण के लिए यह लोन एलआईसी की न्यू जीवन आनंद, जीवन रक्षक, जीवन लक्ष्य, जीवन प्रगति, जीवन लाभ आदि योजनाओं पर मिलता है. (फाइल फोटो: PTI)
LIC पॉलिसी पर लोन की ब्याज दर: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से लोन लेने पर ब्याज दर कम होती है. फिलहाल एलआईसी इसके लिए 10.5 फीसदी का ब्याज ले रहा है जो बाजार में मिल रहे अन्य बैंकों, संस्थाओं के पर्सनल लोन की तुलना में सस्ता है. (फाइल फोटो)
कितना मिलता है लोन: LIC केवल पॉलिसी के सरेंडर मूल्य के 90% तक लोन देता है. कुछ पेड-अप योजनाओं के मामले में, यह लिमिट पॉलिसी सरेंडर मूल्य के 85% तक ही होता है. दोनों ही मामलों में, यह सरेंडर मूल्य सिक्योरिटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. (फाइल फोटो: Getty Images)
क्या दस्तावेज लगता है: एलआईसी से लोन लेने के लिए आपको आईडी के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट और रेजिडेंशियल प्रूफ के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, यूटिलिटी बिल आय प्रमाण के रूप में सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट देना पड़ सकता है. जिस अकाउंट में लोन हासिल करना है उसका एक कैंसिल्ड चेक भी देना पड़ता है. इसके अलावा लोन लेने पर पॉलिसी डॉक्यूमेंट एलआईसी को सौंपना पड़ता है. (फाइल फोटो)
क्या होती है लोन की प्रमुख शर्तें: LIC पॉलिसी के बदले लोन लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण योग्यता शर्तें भी रखी जाती हैं. आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए. आवेदक के पास एक वैध LIC पॉलिसी होनी चाहिए. लोन प्राप्त करने के लिए उपयोग की जाने वाली LIC पॉलिसी ने सरेंडर मूल्य की गारंटी दी हो यानी टर्म पॉलिसी पर यह सुविधा नहीं मिल सकती. कम से कम 3 साल तक LIC प्रीमियम का पूरा भुगतान हुआ होना चाहिए. (फाइल फोटो)
LIC पर्सनल लोन (Personal Loan) के लिए न्यूनतम अवधि 6 महीने की होती है. लोन ब्याजराशि का भुगतान वर्ष में दो बार करना होगा, अर्थात हर छह महीने पर. लोन खत्म से पहले अगर बीमा पॉलिसी मैच्योर हो जाती है, तो LIC उसमें से बची लोन राशि काट लेगा. पॉलिसी धारक की मौत के मामले में, ब्याज का भुगतान मौत की तारीख तक करना होगा. (फाइल फोटो)
LIC पॉलिसी पर लोन के लिए आवेदन कैसे करें: आप ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से LIC पॉलिसी के बदले लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. आप LIC कार्यालय में जाएं और लागू KYC दस्तावेज़ों के साथ लोन आवेदन फॉर्म भरें और मूल पॉलिसी दस्तावेज के साथ जमा करें. अगर आपने LIC ई-सेवाओं के लिए रजिस्टर्ड किया है, तो आप अपना ऑनलाइन अकाउंट लॉग-इन कर सकते हैं और इसी पोर्टल से आवेदन भी कर सकते हैं. आवेदन जमा करने पर आपको अपने लोन आवेदन करने के लिए KYC दस्तावेजों को अपलोड करने या पास के LIC ऑफिस में भेजने की आवश्यकता हो सकती है. (फाइल फोटो: Getty Images)