भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI ) ने ग्राहकों से आधार सत्यापन (Aadhaar Authentication) के लिए लिए जाने वाले चार्ज में भारी कटौती कर दी है. इसका मकसद लोगों के लिए इसे और सहज बनाना है.
UIDAI ने केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए लगने वाली राशि 20 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दी है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एनपीसीआई-आईएएमएआई (NPCI-IAMAI) द्वारा आयोजित वैश्विक फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए यूआईडीएआई के CEO सौरभ गर्ग ने यह जानकारी दी.
क्या होगा फायदा
गर्ग ने कहा, 'हमने प्रति वेरिफिकेशन की दर 20 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दी है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न एजेंसियां और संस्थान सरकार द्वारा तैयार डिजिटल बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग कर सकें. मान-सम्मान के साथ लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए इन बुनियादी ढांचों का उपयोग जरूरी है.'
गर्ग ने कहा, ' मुझे लगता है कि इससे फिनटेक कंपनियां नए ग्राहकों को किफायती समाधान देपाएंगी. आधार के केवाईसी से कंपनियों को ग्राहकों की आजीवन पहचान हासिल होती है.'
उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई किसी के साथ बायोमेट्रिक्स साझा नहीं करता है और अपने सभी भागीदारों से अपेक्षा करता है कि वे समान स्तर की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखें जैसा कि प्राधिकरण करता है.
पहले लगता था इतना चार्ज
अब तक करीब 99 करोड़ ई-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) के लिये आधार प्रणाली का उपयोग किया गया है. गौरतलब है कि पहले UIDAI आधार आधारित केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए प्रति ट्रांजेक्शन 20 रुपये का चार्ज लेता था. वह किसी भी यस या नो ऑथिटिकेशन के लिए कंपनियों से प्रति ट्रांजेक्शन 50 पैसे का चार्ज लेता है. इससे सिर्फ डाक विभाग को छूट दी गई है.