साल-2023 अब तक अडानी ग्रुप के लिए अच्छा नहीं रहा है. इस बड़ी वजह है कि साल के पहले महीने में ही अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर कई गंभीर आरोप लगाए. इस रिपोर्ट को प्रकाशित होते ही अडानी ग्रुप (Adani Group) शेयर बिखर गए.
हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों की कीमत 85 फीसदी तक ओवरवैल्यूड है. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि गलत तरीके में शेयरों की कीमतें बढ़ाई गईं. जिसके बाद से अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट हावी हो गया, जो अब तक जारी है.
अडानी पावर ने दिखाया पावर
लेकिन इस बीच अडानी ग्रुप का एक मात्र शेयर जिसने जबर्दस्त पावर दिखाया है, इसने 29 नवंबर को ऑलटाइम हाई लगा दिया. यहां बात अडानी पावर (Adani Power) की हो रही है. जिस दिन हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप के खिलाफ सोशल मीडिया पर रिपोर्ट प्रकाशित किया था, उस दिन अडानी पावर का शेयर करीब 275 रुपये का था. ये तारीख 24 जनवरी 2023 थी. उसके बाद अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर गिरने लगे तो अडानी पावर का भी सेंटीमेंट बिगड़ गया. अगले कुछ दिनों में शेयर गिरकर 132.40 रुपये पर पहुंच गया.
फरवरी-2023 में अडानी पावर के शेयर लुढ़क कर 132.40 रुपये पर पहुंच गया. लेकिन उसके बाद शेयर ने चाल पकड़ी और फिर पिछले करीब 9 महीने में इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा. शेयर का 52 वीक हाई 470.80 रुपये है, जो इनसे इसी हफ्ते लगाया है. यानी पिछले करीब 9 महीने में शेयर 132 रुपये से बढ़कर 470 रुपये तक पहुंच चुका है. इस दौरान निवेशकों के पैसे तिगुने हो गए हैं. हालांकि अडानी ग्रुप के बाकी शेयर अभी भी हिंडनबर्ग के झटकों से उबर नहीं पाए हैं.
9 महीने में निवेशकों को 200 फीसदी से ज्यादा रिटर्न
पहली दिसंबर को अडानी पावर के शेयर 3.43 की तेजी के साथ 446.30 रुपये पर कारोबार कर रहा है. जो ऑलटाइम हाई के बेहद करीब है. बता दें, अडानी ग्रुप की कुल 10 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. जिसमें से अधिकतर अब भी काफी दबाव में हैं. खासकर अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी विल्मर के शेयर हिंडनबर्ग के झटके से उबर नहीं पाए हैं. इनमें से कुछ शेयर अभी भी अपने ऑल टाइम से करीब 60 से 70 फीसदी नीचे है. इनमें से सबसे ज्यादा संकट में अडानी टोटल गैस, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी विल्मर है.
अडानी पावर में तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी की दूसरी तिमाही के दमदार नतीजे हैं. सितंबर तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 9 गुना बढ़कर 6,594 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कंपनी ने कहा, 'अडानी पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 848 प्रतिशत उछलकर 6,594 करोड़ रुपये रहा.' एक साल पहले 2022-23 की इसी तिमाही जुलाई-सितंबर में कंपनी का शुद्ध लाभ 696 करोड़ रुपये रहा था.
कंपनी की एकीकृत आय चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 61 प्रतिशत बढ़कर 12,155 करोड़ रुपये रही. एक साल पहले 2022-23 की इसी तिमाही में कंपनी की एकीकृत आय 7,534 करोड़ रुपये थी. कंपनी के आठ बिजलीघर गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में हैं.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)