भारत के दिग्गज कारोबारी और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं. उनके द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए मोटिवेशनल ट्वीट्स को यूजर्स खासा पसंद करते हैं. इस बार उन्होंने ऐसा ही पोस्ट किया है, जिसे उन्होंने अपने अब तक देखे अपने मोटिवेशनल संदेशों में से सबसे प्रेरणादायक बताया है. उनका ये पोस्ट जुड़ा है एक नेत्रहीन शख्स से जुड़ा हुआ है, जिसने आंखों की रोशनी के बिना ही 350 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी.
नेत्रहीन भावेश आज करोड़ों के मालिक
आनंद महिंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो को ट्वीट (Anand Mahindra Tweet) किया है. इस 45 सेकेंड के वीडियो में नेत्रहीन कारोबारी भावेश भाटिया (Bhavesh Bhatia) के बारे में बताया गया है. इसमें बताया गया कि कैसे आंखों में रोशनी न होने के बावजूद भावेश ने दुनिया को रोशन करने का कारोबार शुरू किया और आज ये बिजनेस बुलंदियों पर है.
वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक, महावलेश्वर में भावेश ने सनराइज कैंडल्स (Sunrise Candles) की शुरुआत 28 साल पहले छोटे स्तर पर की थी, लेकिन आज कंपनी का सालाना टर्नओवर 350 करोड़ रुपये है. यही नहीं, उनके इस मोमबत्ती के कारोबार से कई लोगों के घर रोशन हैं. ये कंपनी करीब 10,000 लोगों को रोजगार देने का काम कर रही है.
आनंद महिंद्रा ने किया हौसले को सलाम
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन Anand Mahindra ने भावेश भाटिया के जीवन से जुड़े इस वीडियो को शेयर करते हुए भावुक करने वाला कैप्शन लिखा है. उन्होंने लिखा, 'तो क्या हुआ कि तुम दुनिया नहीं देख सकते... नेत्रहीन ने खड़ी की 350 करोड़ की कंपनी, आनंद महिंद्रा ने कहा- बढ़ते रहो, भावेश!
आनंद महिंद्रा ने आगे लिखा कि यह मेरे द्वारा अब तक देखे गए सबसे प्रेरणादायक संदेशों में से एक है.
“Toh kya Hua ki tum duniya nahin dekh sakte. Kuch aisa karo ki duniya tumhe dekhe.” This has to be one of the most inspiring messages I have ever encountered. I’m embarrassed that I hadn’t heard about Bhavesh until this clip dropped into my inbox. His start-up has the power to… pic.twitter.com/vVQeSMQEp3
— anand mahindra (@anandmahindra) August 9, 2023
Anand Mahindra ने आगे लिखा कि मैं शर्मिंदा हूं कि जब तक यह क्लिप मेरे इनबॉक्स में नहीं आई, मैंने भावेश के बारे में नहीं सुना था. उनके स्टार्ट-अप में एक अरब यूनिकॉर्न की तुलना में अधिक शक्तिशाली ढंग से उद्यमिता को प्रेरित करने की शक्ति है... बढ़ते रहो, भावेश!
1994 में भावेश ने की थी कंपनी की शुरुआत
भावेश भाटिया के बारे में बात करें तो आंखों से लाचार होने के बावजूद उन्होंने अपने हौसले और जुनून के दम पर वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना हर किसी के लिए आसान नहीं है. मोमबत्ती का बिजनेस करते हुए उन्होंने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया है. भावेश की आंखें बचपन से ही कमजोर थीं. स्कूल टाइस से ही उनका पसंदीदा सब्जेक्ट क्राफ्ट रहा है.
एमए तक की पढ़ाई करने वाले भावेश ने नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (NAB) में बेसिक कैंडल मेकिंग कोर्स किया और एक साल की ट्रेनिंग लेने के बाद 1994 में सनराइज कैंडल्स की स्थापना की. इस बिजनेस आइडिया से उनकी जिंदगी बदल गई और वे देश के सफल बिजनेसमैनों में शुमार हो गए.
आनंद महिंद्रा के करोड़ों फॉलोअर्स
Anand Mahindra द्वारा Twitter पर पोस्ट किए गए फनी, इनोवेटिव आइडिया से भरे और मोटिनेशनल ट्वीट्स को यूजर्स खूब पसंद करते हैं. कुछ ऐसा ही उनके नए ट्वीट के साथ हुआ है, जिसे यूजर्स खासा पसंद और शेयर कर रहे हैं. आनंद महिंद्रा की ट्विटर पर बड़ी फैन फॉलोविंग हैं. उनके फॉलोअर्स की संख्या 10.4 मिलियन है.