कोरोना महामारी के कारण पिछले डेढ़-दो साल के दौरान काफी लोगों की नौकरियां (Job Loss) चली गईं. इससे लोगों को राहत देने के लिए शुरू की गई ईपीएफओ (EPFO) की वेज सब्सिडी स्कीम (Wage Subsidy Scheme) कुछ हद तक भरपाई करने में कामयाब रही है. सरकार की आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (Atmanirbhar Bharat Rojgar Yojana) के तहत अब तक करीब 40 लाख लोगों को नौकरियां मिली हैं. सरकार ने संसद में इस सप्ताह इसकी जानकारी दी.
मंत्री ने संसद में पेश किए आंकड़े
श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री रामेश्वर तेली (Rameshwar Teli) ने संसद में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए इसका आंकड़ा पेश किया. मंत्री ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के जरिए 27 नवंबर 2021 तक कुल 39.59 लाख लोगों को नौकरियां दी जा चुकी हैं. इन लोगों को 1.16 लाख प्रतिष्ठानों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं.
आत्मनिर्भर भारत पैकेज का हिस्सा है यह स्कीम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने पिछले साल नवंबर में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की थी. यह योजना आत्मनिर्भर भारत पैकेज (Atmanirbhar Bharat Package) का हिस्सा है. इसका लक्ष्य कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था में रोजगार के नए मौके बनाना है. सरकार इसके तहत कंपनियों को नई हायरिंग पर सब्सिडी (Subsidy on New Hiring) देती है. यह सब्सिडी दो साल के लिए है और इसे पीएफ फंड (PF Fund) में दिया जाता है.
ऐसी कंपनियों को मिलता है सब्सिडी का लाभ
इस योजना का लाभ हर वह कंपनी उठा सकती है, जो ईपीएफओ (EPFO) के पास रजिस्टर्ड है. इसका लाभ उठाने के लिए 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम से कम दो नए लोगों को नौकरी देने की शर्त है. इसी तरह 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को सब्सिडी का लाभ पाने के लिए कम से कम पांच नए लोगों को नौकरी देनी होगी.
पीएफ फंड में दी जाती है इतनी सब्सिडी
जिन प्रतिष्ठानों में कुल कर्मचारियों की संख्या एक हजार तक है, उन्हें सरकार दोहरी सब्सिडी देती है. ऐसी कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन का 24 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में मिल जाता है. इसमें कंपनी और कर्मचारी दोनों के हिस्से का 12-12 फीसदी पीएफ कंट्रीब्यूशन (PF Contribution) शामिल होता है. एक हजार से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को 12 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. यह सब्सिडी सरकार की ओर से दो साल के लिए दी जा रही है.