लंबी हवाई यात्रा के बाद अक्सर फ्लाइट से बैगेज में आने वाली देरी सफर का सारा मजा किरकिरा कर देती हैं. कन्वेयर बेल्ट पर बैग्स की भीड़ के बीच अपने बैग को तलाशता हर यात्री कई बार मिनटों तो कई बार काफी देर तक अपने बैग के लिए इंतजार करता रहता है, कभी-कभार तो बैग के गुम होने की घटनाएं भी सामने आती हैं, जो एक लंबे हवाई सफर के बाद नई मुश्किल खड़ी कर देती हैं.
फ्लाइट से उतरने के बाद बैग का इंतजार करना हवाई यात्रियों के लिए एक आम समस्या बना हुआ था. लेकिन अब ये मुश्किल जल्दी ही दूर होने वाली है. मुमकिन है कि अगली फ्लाइट में आपको बैगेज के लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े. दरअसल,नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो यानी BCAS ने एअर इंडिया (Air India) समेत 7 एयरलाइंस को एयरपोर्ट पर समय पर सामानों की डिलीवरी करने के निर्देश जारी किए हैं.
अब 30 मिनट में बैग सौंपने का आदेश
BCAS के नए नियमों के मुताबिक अब एयरलाइन को लैंडिंग के 30 मिनट के अंदर पैसेंजर्स को उनके बैग सौंपने होंगे. इसे लागू करने के लिए 26 फरवरी तक की समय सीमा दी गई है और नियम का पालन ना करने पर एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई होगी. BCAS ने एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा, स्पाइसजेट, विस्तारा, एअर इंडिया एक्सप्रेस कनेक्ट और एअर इंडिया एक्सप्रेस को ये आदेश जारी किया है.
BCAS के निर्देशों के हिसाब से ऑपरेशन, प्रबंधन और डिलीवरी समझौते यानी OMDA के मुताबिक फ्लाइट का इंजन बंद होने के 10 मिनट के भीतर पहला बैग कन्वेयर बेल्ट पर पहुंचना चाहिए. वहीं आखिरी बैग कन्वेयर बेल्ट पर 30 मिनट के भीतर हर हाल में पहुंचना चाहिए.
सख्ती से कानून का होगा पालन
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देशों के बाद BCAS जनवरी से 6 एयरपोर्ट पर सामान के मिलने में लगने वाले समय की निगरानी कर रहा था.इसकी समीक्षा में सामने आया था कि समय में सुधार तो हुआ है. लेकिन ये अनिवार्य मानकों से कम है.
इसके बाद ही अब BCAS ने एयरलाइंस को समय पर बैगेज देने के लिए ये नियम बनाए हैं. BCAS ने कहा है कि 30 मिनट के भीतर पैसेंजर का बैगेज मिलेगा तो उनके लिए ये बेहतर अनुभव होगा. फिलहाल अगले कुछ दिनों तक सभी एयरलाइन कंपनियों पर नजर रखी जाएगी.
1978 में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अधीन BCAS की स्थापना की गई थी. उस समय फ्लाइट में किडनैपिंग और हिंसा की खबरें सामने आती थीं, जिनपर लगाम लगाने के लिए BCAS बनाया गया था. अप्रैल 1987 में इसे आटोनॉमस डिपार्टमेंट बना दिया गया था. इसका काम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ICAO के मानकों, कार्य प्रणालियों और भारत के राष्ट्रीय नागर विमानन सुरक्षा मानकों से जुड़े प्रोटोकॉल्स की निगरानी करना है.