हम लोग आमतौर पर कोई भी सामान खरीदते हैं, तो वो ज्यादातर गत्ते से बने बॉक्स (कार्टन) में पैक होकर आता है. हम सामान निकालने के बाद इस कार्टन को कचरे के ढेर में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप इन गत्ते के बॉक्स के बिजनेस के बारे में जानते हैं. दरअसल, पिछले कुछ साल में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन पूरे देश में बढ़ा है. छोटे-से-छोटे सामानों की ऑनलाइन डिलीवरी की वजह से कार्टन का यूज तेजी से बढ़ा है. डिमांड बढ़ने के साथ ही इसका कारोबार भी फायदे का सौदा बन गया है.
तेजी से बढ़ रहा है कार्टन मार्केट
स्मार्ट वॉच हो या फिर मोबाइल फोन, टीवी हो या जूते या फिर कांच के आइटम और ग्रॉसरी, सभी सामानों की पैकेजिंग के लिए गत्ते से बने बॉक्स का ही इस्तेमाल बहुतायत में हो रहा है. भारत में ऑनलाइन बिजनेस के विस्तार के साथ कार्टन का बिजनेस भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. कई कंपनियां तो सामानों की डिलीवरी के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए कार्टन का इस्तेमाल करती हैं. ऐसे में इसका बाजार भी खूब फल-फूल रहा है और इस छोटे बिजनेस से प्रति माह मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है.
बिजनेस शुरू करने से पहले करें ये काम
किसी भी बिजनेस की सफलता के लिए कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण से पहले यह जरूरी होता है कि बिजनेस शुरू करने वाले व्यक्ति को उससे जुड़ी हर तरह की जानकारी हो. कार्टन के प्रोडक्शन का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको इसके प्रोडक्शन से जुड़ी सभी तरह की जानकारी होनी चाहिए. इसके लिए आप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग से कोर्स करके इस बिजनेस से जुड़ी जरूरी चीजों की जानकारी हासिल कर सकते हैं. यह इंस्टीट्यूट तीन महीने से दो साल तक का कोर्स ऑफर करता है.
Licence की जरूरत
भारत में किसी भी तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए उपयुक्त व्यापार रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है. आप कार्टन का बिजनेस शुरू करने के लिए MSME रजिस्ट्रेशन या उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इससे आपको सरकारी मदद मिल सकती है. इनके अलावा आपको फैक्ट्री लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ सकती है.
Raw Materials की होगी जरूरत
गत्ते का कार्टन बनाने के लिए मुख्य रूप से क्राफ्ट पेपर का इस्तेमाल किया जाता है. आप जितनी अच्छी क्वालिटी का क्राफ्ट पेपर यूज करेंगे, आपके बॉक्स की क्वालिटी उतनी ही अच्छी होगी. इसके अलावा आपको पीले स्ट्रॉबोर्ड, गोंद और सिलाई तार की जरूरत पड़ेगी.
इन मशीनों के जरिए होगा काम
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको सिंगल फेस पेपर कॉरगेशन मशीन, रील स्टैंड लाइट मॉडल के साथ बोर्ड कटर, शीट चिपकाने वाली मशीन, शीट प्रेसिंग मशीन, एसेंट्रिक स्लॉट मशीन जैसी मशीनों की जरूरत होगी. आप किसी भी बी2बी वेबसाइट से ये मशीने खरीद सकते हैं.
बिजनेस में इतना करना होगा निवेश
यह बिजनेस शुरू करने के लिए आपको करीब 5,500 स्क्वायर फुट जगह की जरूरत होगी. अगर आपके पास इतनी जमीन पहले से है तो फिर आपको मशीन खर्च करने में इंवेस्ट करना होगा. अगर आप सेमी-ऑटोमैटिक मशीन के साथ बड़े पैमाने पर यह बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको करीब 20 लाख रुपये खर्च करने होंगे. फुली-ऑटोमैटिक मशीन खरीदने पर आपको करीब 50 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.
हर महीने हो सकती है इतनी कमाई
इस बिजनेस में प्रॉफिट मार्जिन काफी अच्छा है. दूसरी ओर, डिमांड भी लगातार बनी रहती है. अगर आप अच्छे क्लाइंट्स के साथ एग्रीमेंट कर लेते हैं तो हर महीने आसानी से चार से छह लाख रुपये की कमाई कर सकते हैं.