चीन में बेकाबू कोरोना (China Covid)....जापान-अमेरिका समेत कई देशों में संक्रमण का बढ़ना...भारत में महंगाई (Inflation) का बम फोड़ सकता है. इसके चलते दवाओं से लेकर सोने तक की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि भारत कई जरूरी चीजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है. आइए समझते हैं कि चीन में कोरोना भारतीयों की जेब का बोझ कैसे बढ़ा सकता है?
1- सप्लाई चेन बाधित होने का डर
बात करें दुनियाभर में जारी कोरोना के प्रकोप की..तो इस बार इस जानलेवा वायरस का BF7 वेरिएंट और भी घातक बनकर सामने आया है. बीते 10 दिनों में ही इसका संक्रमण इस कदर बढ़ा है कि पूरी दुनिया में दहशत का सबब बन गया है. चीन...जापान...अमेरिका से ताइवान तक Covid-19 के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. इसके चलते भारतीय कंपनियों (Indian Companies) की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि इसे काबू में करने के लिए कड़ी पाबंदिया फिर अमल में लाई गईं तो सप्लाई चेन (Supply Chain) बुरी तरह बाधित हो जाएगी.
2- चीन पर भारत की बड़ी निर्भरता
इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, दवाओं से लेकर गोल्ड और डायमंड एक्सपोर्टर्स कंपनियों को Supply Chain फिर से गड़बड़ाने की चिंता सताने लगी है. पड़ोसी देश चीन में हर दिन के साथ बिगड़ते हालातों के चलते फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित होने का डर बढ़ने लगा है. बात करें भारत में महंगाई बढ़ने की तो सबसे बड़ा कारण ये है कि भारत चीन से कई जरूरी सामान मंगाता है. सप्लाई चेन बाधित हुई या ठप पड़ी तो फिर भारत में स्टॉक किए गए सामानों की कीमतों में आग लगेगी.
3- दवाओं के दाम पर पड़ेगा असर
बल्क दवा या सक्रिय दवा सामग्री (API) बनाने में काम आने वाले रासायनिक यौगिक भारत में उपलब्ध नहीं है. चीन से भारत आने वाले जैविक रसायनों में एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredient) भी शामिल है. इसका इस्तेमाल दवाएं तैयार करने में होता है. भारत की 60 फीसदी बल्क दवा का कच्चा माल चीन के आयात किया जाता है. ये आपूर्ति बाधित हुई तो फार्मा कंपनियों के सामने बढ़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी. ऐसे में दवाओं की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है.
4- मोबाइल-गैजेट्स हो सकते हैं महंगे
चीन भारत के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स की सप्लाई का सबसे अहम जरिया है. अगर चीन में कोरोना की मौजूदा स्थिति जारी रहती है, तो स्मार्टफोन ब्रांड्स को कंपोनेंट्स के लिए सप्लाई की कमी झेलनी पड़ सकती है, क्योंकि ऐसी भारतीय कंपनियां काफी हद तक चीनी कारखानों से आने वाले कंपोनेंट्स पर निर्भर करती हैं. ऐसे में सप्लाई में रुकावट मोबाइल और अन्य गैजेट्स की कीमतों में वृद्धि का कारण बन सकती है.
5- सोने की कीमतों में आएगा उछाल
जब भी दुनिया में वित्तिय अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न होती है, तो सोने की कीमतें हाई पर पहुंच जाती है. कोरोना महामारी की पिछली लहरों में भी ये साफ देखा गया था. ऐसे में इस बार भी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर कोरोना का विस्फोट गोल्ड की कीमतों में इजाफा कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब को विपत्ति या फाइनेंशियल क्राइसिस आता है तो लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने में निवेश को तरजीह देते हैं. ऐसे में शेयर बाजारों में भूचाल आता है और सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं.
इसके अलावा भारतीय गारमेंट मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर्स कंपनियां चीन से एसेसरीज मंगवाती हैं. इन्हें डर है कि कोविड-19 के लगातार बढ़ते हालात से अगर एसेसरीज की सप्लाई पर असर पड़ता है, तमाम ब्रांड्स को दूसरे ऑप्शन तलाशने होंगे. इसके साथ ही ऑटो पार्ट्स की सप्लाई सुस्त पड़ी तो फिर उत्पादन में जोरदार कमी देखने को मिलेगी और इसका असर कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दे सकता है.