पाकिस्तान की हालत (Pakistan Economy) पहले से ही खराब चल रही है. इसी बीच आम चुनाव (General Election in Pakistan) पर भारी-भरकम रकम खर्च करने का आंकड़ा सामने आया है. आम नागरिकों पर बिजली और अन्य तरह के Tax लगाकर पाकिस्तान आम चुनाव करा है, जिसका सीधा असर जनता पर पड़ा है. भले ही IMF की ओर से पाकिस्तान को कर्ज (Pakistan Debt) मिला है, लेकिन इस चुनाव में हैवी खर्च से इस मुल्क पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, जिससे निकलना आसान नहीं होगा.
पाकिस्तान इलेक्शन कमिशन के आंकड़े के मुताबिक, जनरल चुनाव 2024 इतिहास का सबसे महंगा चुनाव (Most Expensive Election in Pakistan) होने वाला है. पाकिस्तान के चुनाव आयोग (Pakistan Election Commission) का अनुमान है कि पड़ोसी मुल्क में चुनाव पर 42 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो पिछले आम चुनाव से 26 फीसदी ज्यादा है. पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY के मुताबिक, अगर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को जोड़ दिया जाए तो कुल खर्च का अनुमान (Estimate of Pakistan Election Expenses) 49 अरब रुपये तक पहुंच सकता है.
पाकिस्तान में इतिहास का सबसे महंगा चुनाव
पाकिस्तान में आम चुनाव (Election in Pakistan) 8 फरवरी से शुरू हुआ और आज उसके परिणाम आ रहे हैं. आम चुनाव के लिए शुरुआती बजट 42 अरब रुपये रखा गया था, जिससे यह 2018 के चुनाव से 26 प्रतिशत अधिक महंगा होने के साथ-साथ पाकिस्तान के इतिहास में सबसे महंगा हो चुका है. चुनाव बजट में सबसे ज्यादा खर्च मतपत्रों की छपाई, सुरक्षा के लिए एजेंसियों की तैनाती और मतदान कर्मचारियों के भुगतान पर खर्च किया गया है.
पाकिस्तान पर कितना कर्ज
पाकिस्तान में चुनाव पर जितना खर्च किया जा रहा है. उससे कई ज्यादा तो कर्ज है. पाकिस्तान ने सिर्फ IMF से 3 अरब डॉलर के कर्ज की मांग की है, जिसमें से इसे 1.9 अरब डॉलर मिल चुका है और 1.2 अरब डॉलर बचा है. वहीं स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank Of Pakistan) के मुताबिक, पाकिस्तान पर कर्ज (Debt on Pakistan) और देनदारी 30 जून 2023 तक 56.21 ट्रिलियन था, जिसके बाद IMF ने 70 करोड़ डॉलर का लोन दिया है.
कितने सीटों पर किसे मिली जीत?
पाकिस्तान में चुनाव परिणाम के नतीजे आ रहे हैं. अभी तक 24 सीटों पर नतीजें आए हैं. इमरान समर्थक निर्दलियों को 10 सीटों पर जीत मिली है. दूसरे नंबर पर पीएमएल आई है. नवाज शरीफ की पार्टी को 8 और बिलावट की पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है.