EPFO अपने करीब 24 करोड़ सब्सक्राइबर्स को अगले महीने खुशखबरी देगा. कर्मचारियों का पीएफ फंड मैनेज करने वाला संगठन वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इम्पलॉय प्रोविडेंट फंड (Employees Provident Fund) पर ब्याज दर की घोषणा मार्च, 2022 में करेगा. इस बात की उम्मीद की जा रही है कि EPFO पिछले फाइनेंशियल ईयर की तरह इस बार भी PF खाते में जमा रकम पर 8.5 फीसदी का ब्याज देने का ऐलान कर सकता है. ऐसे में आपकी राय यह हो सकती है कि इतना रिटर्न तो Mutual Fund या Fixed Deposit (कुछ प्राइवेट बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक बढ़िया ब्याज देते हैं) के जरिए भी हासिल हो जाता है तो EPF को लेकर इतनी चर्चा क्यों होती है. आइए इस चीज को समझते हैंः
FD से ऐसे बेहतर है EPF
टैक्स और इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन बताते हैं कि आज के दौर में अधिकतर गारंटीड रिटर्न वाले इंस्ट्रुमेंट पर ब्याज दर काफी नीचे आ गई है. दूसरी ओर, FD और Mutual Fund जैसे तमाम इंस्ट्रुमेंट में निवेश से होने वाली आमदनी टैक्सेबल होती है. ऐसे में EPF में निवेश कई लिहाज से फायदेमंद साबित होता है. उन्होंने बताया कि FD से होने वाली आमदनी पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है. उदाहरण के लिए अगर कोई टैक्सपेयर 30 फीसदी के Tax Slab में आता है और उसे FD में निवेश से एक लाख रुपये का ब्याज मिलता है तो उसे 30,000 रुपये टैक्स के रूप में देना होगा. इस तरह इफेक्टिवली उसका रिटर्न और नीचे आ गया. अगर इस टैक्स छूट को EPF के रिटर्न में जोड़ दिया जाए तो कहा जा सकता है कि इफेक्टिव तौर पर EPF Account में जमा रकम पर 12.35 फीसद का ब्याज मिलता है.
Mutual Fund के मुकाबले
जैन ने बताया कि Mutual Fund से एक वित्त वर्ष में होने वाली एक लाख रुपये तक की लॉन्ग टर्म इनकम टैक्स फ्री होती है. इससे ज्यादा की आय पर 10 फीसदी की दर से फ्लैट टैक्स लगता है. SIP से होने वाली इनकम में टैक्स फैक्टर को जोड़कर देखा जाए तो यह कहा जा सकता है कि EPF खाते में जमा रकम पर किसी भी व्यक्ति को 9.48 फीसदी का ब्याज मिलता है.
EPF इस तरह है फायदे का सौदा
जैन ने बताया कि EPF में निवेश से रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा फंड तैयार हो जाता है. यह पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है. इसका मतलब यह है कि EPF में किया जाने वाला इंवेस्टमेंट, उससे प्राप्त होने वाला ब्याज और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली पूरी रकम टैक्स फ्री होती है. हालांकि, एक फाइनेंशियल ईयर में किसी कर्मचारी का विभिन्न Provident Funds में Contribution 2.5 लाख से ज्यादा बैठता है तो अतिरिक्त अंशदान पर मिलने वाला ब्याज अब Taxable है.
EPF पर ऐसे कैलकुलेट होता है ब्याज
EPF Account में मासिक आधार पर EPF Contribution क्रेडिट होता है और ब्याज का कैलकुलेशन मासिक आधार पर होता है. हालांकि, पूरे साल का इंटरेस्ट फाइनेंशियल ईयर के आखिर में क्रेडिट किया जाता है.