आर्थिक मंदी (Economic Recession) की आशंका के बीच गूगल अल्फाबेट और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल बाहर किया है. 18 जनवरी को Microsoft ने 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी, जो इसके ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 5 फीसदी है. गूगल ने पिछले दिनों 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फरमान सुनाया था. इसके अलावा और भी दिग्गज कंपनियों ने छंटनी की है. छंटनी के इस दौर में Microsoft के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट क्रिस विलियम्स ने बताया कि किन कर्मचारियों की नौकरी जाने का सबसे अधिक खतरा है. साथ ही ये भी बताया कि किन कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित है.
क्रिस विलियम्स अब एक पॉडकास्टर हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि हर इंडस्ट्री, कंपनी और विभाग का भी एक अलग जोखिम होता है. लेकिन कुछ सेक्टर दूसरे के मुकाबले अधिक असुरक्षित होते हैं. उन्होंने तीन सबसे असुरक्षित कैटेगरी के बारे में बताया.
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स
विलियम्स ने बताया कि नौकरी जाने का सबसे अधिक खतरा कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स का होता है. क्योंकि कंपनी ने इन्हें अस्थाई तौर पर जरूरत के अनुसार हायर करती है. ताकी जैसे ही कंपनी वित्तीय रूप से मुश्किलों में फंसे तो उन्हें आसानी से निकाल बाहर कर दिया जाए.
नए इनिशिएटिव से जुड़े कर्मचारी
विलियम्स के अनुसार, जब कंपनियां अच्छे फेज के दौरान नए रास्ते तलाशने का फैसला करती है, तो वो नए इनिशिएटिव के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं. लेकिन जैसे ही कंपनियां मुश्किल दौर में खुद को सेफ रखने की कोशिश में जुटती हैं, तो नए इनिशिएटिव के लिए नियुक्त कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा मंडरा जाता है.
इवेंट प्लानिंग से जुड़े कर्मचारी
विलियम्स के अनुसार, जब कंपनियां खुद को मुश्किल स्थिति में पाती हैं, तो इवेंट और लक्जरी गतिविधियां कम हो जाती हैं या फिर लगभग खत्म ही हो जाती हैं. ऐसे में इस डिपार्टमेंट से जुड़े कर्मचारियों की नौकरी जाने का सबसे अधिक खतरा होता है. क्योंकि मंदी के दौर में इवेंट प्लानिंग को कंपनियां पूरी तरह से नजरअंदाज कर देती हैं.
ऐसे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित!
विलियम्स ने बताया कि जो कर्मचारी अपनी कंपनी में सबसे अधिक मुनाफा वाले प्रोडक्ट को बनाने के काम से जुड़ा है, तो उसकी नौकरी जाने का जोखिम कम है. इसके अलावा ह्यूमन रिसोर्स से जुड़े कर्मचारियों की भी नौकरी पर कम खतरा रहता है. क्योंकि छंटनी के लिए इनकी अधिक जरूरत होती है.
छंटनी का दौर
आर्थिक मंदी की आशंका की वजह से दुनियाभर की कंपनियों में छंटनी का दौर 2022 से ही शुरू हुआ है, जो इस साल भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. मेटा (Facebook) ट्विटर (Twitter) और अमेजन (Amazon) जैसी कंपनियों ने अपने वर्क फोर्स में भारी कटौती की है. फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta ने भी बीते साल मंदी (Recession) का हवाला देते हुए कॉस्ट कटिंग के नाम पर छंटनी की ऐसी तलवार चलाई थी, कि 11000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था.