भाई और बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन आ गया है और अगर आप अपनी बहन को कोई गिफ्ट देने की सोच रहे हैं और वो 10 साल से छोटी है, तो फिर उसे ऐसा गिफ्ट दीजिए जिससे उसका भविष्य संवर जाए. इसके लिए आप उसे एक ऐसी सरकार स्कीम गिफ्ट कर सकते हैं, जिससे उसकी पढ़ाई से लेकर शादी तक की टेंशन खत्म हो सकती है. जी हां, हम बात कर रहे हैं सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) की, ये स्मॉल सेविंग स्कीम एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट हैं और इसमें 8 फीसदी का शानदार ब्याज (SSY Scheme Interest Rate) भी मिलता है.
अब तक 3 करोड़ से ज्यादा अकाउंट खुले
केंद्र सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए साल 2015 यानी आठ साल पहले ये सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की गई थी, जो अपनी शुरुआत से साथ ही खासी पॉपुलर हो गई और अब तक फेवरेट बनी हुई है. इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का है, लेकिन इसमें महज 15 साल तक ही इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है. जबकि बाकी के छह साल तक अकाउंट बिना पैसा जमा किए ही ऑपरेशनल बना रहता है. इन 8 सालों में स्कीम के तहत अब तक देश में करीब 3 करोड़ से ज्यादा अकाउंट खोले जा चुके हैं.
माता-पिता के जरिए खुलावाएं बहन का अकाउंट
ये अकाउंट 10 साल से कम आयु की बच्चियों के लिए खोला जा सकता है और इसे महज 250 रुपये सालाना डिपॉजिट के जरिए भी खोला जा सकता है. इस स्कीम के तहत साल में अधिकतम 1.50 लाख रुपये की राशि जमा की जा सकती है. नियम देखें तो किसी लड़की के नाम, सुकन्या समृद्धि अकाउंट सिर्फ उसके माता-पिता ही खोल सकते हैं या फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी करके लड़की को गोद लेने वाले अभिभावक को ही ये अकाउंट खुलवाने की छूट है. हालांकि, ये बड़ा प्रतिबंध है, लेकिन अगर आप भाई हैं और उसे ये स्कीम गिफ्ट करना चाहते हैं, तो फिर आप अपने परिजनों के माध्यम से इस स्कीम को बहन के लिए शुरू करवा सकते हैं.
अगर बात करें कि माता-पिता के अलावा अन्य परिजन किन स्थितियों में बच्ची के नाम सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवा सकते हैं, तो बता दें कि माता-पिता के जीवित न रहने पर दादा-दादी या कोई भी संबंधी गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करके ये खाता खुलवा सकते हैं.
पढ़ाई के लिए ऐसे निकलेगा पैसा
जैसा कि बताया गया है कि SSY Scheme का मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का है. यानी पूरी रकम इस अवधि के बाद ही निकाली जा सकती है, लेकिन लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पढ़ाई के लिए इस खाते से राशि निकाली जा सकती है. शिक्षा के लिए भी अकाउंट में जमा बैलेंस का 50 फीसदी ही निकाल सकते हैं. इसके लिए आपको बेटी की शिक्षा से जुड़े दस्तावेज प्रूफ के तौर पर देने होंगे. पैसा किस्त या एकमुश्त भी ले सकते हैं, लेकिन साल में एक बार ही मिलेगा और पांच साल तक आप किस्तों में पैसा निकाल सकते हैं.
शादी के लिए निकाल सकते हैं इतनी रकम
शिक्षा के बाद अगर बात करें बेटी की शादी के लिए पैसा निकालने की प्रक्रिया की, तो इसके लिए अकाउंट में जमा कुल राशि का 50 फीसदी हिस्से की ही निकासी की जा सकती है. शादी के एक महीने पहले से लेकर तीन महीने बाद तक पैसे की निकासी की जा सकती है. लेकिन पूरा पैसा बेटी की उम्र 21 साल पूरी होने के बाद ही मिलेगा.
हर महीने करें इतना निवेश बहन को मिलेंहे 67 लाख
सरकार की इस पॉपुलर स्कीम के तहत ब्याज दर 8 फीसदी है. इस हिसाब से अगर आप बेटी के जन्म के बाद हर महीने 12,500 रुपये का निवेश करता है, तो एक साल में वो 1,50,000 लाख रुपये जमा करेंगे. इस तरह वो 15 साल में 22,50,000 रुपये निवेश करेंगे. अब अगर 8 फीसदी के हिसाब से देखें, तो 44,84,534 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे. इस तरह वो अपनी बेटी के लिए स्कीम के मैच्योर होने तक 67,34,534 रुपये जमा कर लेंगे.
टैक्स छूट का भी मिलता है लाभ
पहले इस योजना में दो बेटियों के खाते पर ही 80C के तहत टैक्स में छूट का लाभ मिलता था. लेकिन बीते दिनों स्कीम के नियमों में बदलाव हुआ और अब एक बेटी के बाद अगर दो जुड़वा बेटियां पैदा होती हैं, तो उनके खाते पर भी टैक्स में छूट मिलेगी. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना खाते में निवेश की रकम कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या किसी ऐसे तरीके से भी जमा कराई जा सकती है, जिसे बैंक स्वीकार करता है.